अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने विरोधाभासी बयानों के कारण अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। ट्रंप ने हाल ही में भारत को एक ‘महान देश’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना ‘बेहतरीन दोस्त’ बताकर प्रशंसा के पुल बांधे हैं। हालांकि, यह तारीफ उस समय आई है जब कुछ ही घंटों पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक ऐसी पोस्ट साझा की थी जिसमें भारत को ‘नरक’ (Hell hole) और प्रवासियों को ‘गैंगस्टर’ कहकर संबोधित किया गया था। ट्रंप के इस दोहरे रवैये ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और उनके वास्तविक रुख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब ट्रंप ने राजनीतिक विश्लेषक माइकल सैवेज के पॉडकास्ट ‘सैवेज नेशन’ को रिपोस्ट किया। इस पॉडकास्ट में भारत और चीन जैसे देशों के खिलाफ नस्लवादी टिप्पणियां की गई थीं और ‘बर्थराइट सिटीजनशिप’ का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था। सैवेज ने भारतीय प्रवासियों को ‘लैपटॉप वाले गैंगस्टर’ तक कह डाला और दावा किया कि उन्होंने अमेरिका के मूल निवासियों के रोजगार छीन लिए हैं। ट्रंप द्वारा इस अपमानजनक सामग्री को साझा किए जाने के बाद जब चौतरफा आलोचना शुरू हुई, तो उन्होंने तुरंत पैंतरा बदलते हुए भारत की तारीफ शुरू कर दी।
भारत सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर बहुत ही नपी-तुली प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मामले को अधिक तूल न देते हुए सिर्फ इतना कहा कि “हमने रिपोर्ट देखी है और मैं अपनी बात यहीं खत्म करता हूं।” हालांकि, जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह रवैया उनकी आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जहाँ वे एक तरफ कट्टरपंथी समर्थकों को खुश करने के लिए प्रवासियों के खिलाफ सख्त संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत जैसे सामरिक साझेदार को नाराज करने का जोखिम भी नहीं उठाना चाहते।
