भारतीय शेयर बाजार में आज ‘बुल्स’ और ‘बियर्स’ के बीच जबरदस्त खींचतान देखने को मिली। गुरुवार सुबह शानदार बढ़त के साथ खुला बाजार दोपहर होते-होते अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। सुबह के सत्र में रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़ रहा सेंसेक्स अपने ऊपरी स्तर से करीब 800 अंक फिसल गया, जिससे निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। निफ्टी भी 24,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में नाकाम रहा और 24,200 के करीब संघर्ष करता नजर आया। कल की बंपर तेजी के बाद आज की इस भारी गिरावट ने बाजार के सेंटिमेंट को हिलाकर रख दिया है।

बाजार में इस अचानक आए ‘यू-टर्न’ के पीछे तीन प्रमुख तकनीकी और रणनीतिक कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण बुधवार की बड़ी तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की गई भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) रही। ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने अपनी पोजीशन हल्की करना शुरू किया, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया। दूसरा कारण ऑटो और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर के दिग्गजों में आई कमजोरी रही। ब्रिटानिया, नेस्ले और हीरो मोटोकॉर्प जैसे हैवीवेट शेयरों में गिरावट ने इंडेक्स को नीचे खींचने का काम किया। इसके अलावा, निफ्टी के लिए 24,400 का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस (बाधा) साबित हुआ, जिसे पार करने की कोशिश में बाजार नाकाम रहा और वहीं से बिकवाली का दौर शुरू हो गया।
कॉर्पोरेट जगत के खराब नतीजों ने भी आग में घी डालने का काम किया। जीटीपीएल हैथवे और तेजस नेटवर्क्स जैसी कंपनियों द्वारा रिपोर्ट किए गए घाटे के कारण इनके शेयरों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी डर का माहौल बन गया। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24,400 के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता, तब तक उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और हर गिरावट पर केवल चुनिंदा मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है।
