केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग का इंतजार अब एक बड़े वित्तीय सवाल में बदल गया है। चर्चा का मुख्य केंद्र ‘DA एरियर’ का वह गणित है, जो जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। यदि सरकार अपने पुराने पैटर्न को दोहराती है, तो 1 जनवरी 2026 से ही महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन (Basic Salary) में जोड़कर एरियर दिया जा सकता है। इस गणना के आधार पर निचले स्तर के कर्मचारियों को ₹5,000 से लेकर उच्च अधिकारियों को हजारों रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

वर्तमान स्थिति यह है कि 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है। सरकार ने जनवरी-जून 2026 के लिए 2% डीए बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जिससे वर्तमान डीए 60% के करीब पहुंच गया है। चूंकि 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आने और 2028 की शुरुआत में लागू होने की संभावना है, इसलिए 2026 और 2027 के इस दो साल के ‘ट्रांजिशन पीरियड’ का भुगतान कैसे होगा, यह सबसे बड़ा मुद्दा है। पिछले वेतन आयोगों (5वें, 6वें और 7वें) के इतिहास को देखें, तो सरकार ने वेतन संशोधन को पिछली तारीख (Retrospective effect) से प्रभावी माना था, जिससे कर्मचारियों को मोटा एरियर मिला था।

विशेषज्ञों ने दो संभावित स्थितियों (Scenarios) का विश्लेषण किया है। यदि डीए को सीधे 2028 में मर्ज किया जाता है, तो कोई अतिरिक्त लाभ नहीं होगा। लेकिन, यदि 1 जनवरी 2026 से ही बेसिक और डीए को जोड़कर नई बेसिक मानी जाती है, तो उसी आधार पर डीए की गणना बढ़ जाएगी। उदाहरण के तौर पर, लेवल-1 कर्मचारी जिसकी बेसिक ₹18,000 है, उसे नई बेसिक (₹28,440) के आधार पर ₹5,000 से ज्यादा का एरियर मिल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना पर निर्भर करेगा, लेकिन फिलहाल इस ‘एरियर फॉर्मूले’ ने कर्मचारियों के बीच उम्मीदें जगा दी हैं।
