वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद आक्रामक सैन्य आदेश जारी करते हुए अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया है कि समुद्र में बारूदी सुरंगें (Sea Mines) बिछाने वाली किसी भी संदिग्ध नाव को ‘देखते ही गोली मार दी जाए’। ट्रंप के इस ‘डेथ वारंट’ ने मिडिल ईस्ट में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कार्रवाई के लिए किसी चेतावनी या रेडियो संपर्क की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है; यदि कोई नाव विस्फोटक बिछाते हुए पकड़ी जाती है, तो उसे तुरंत समुद्र में डुबो दिया जाए।

राष्ट्रपति ट्रंप ने न केवल सीधी सैन्य कार्रवाई की छूट दी है, बल्कि होर्मुज में पहले से चल रहे माइन हटाने के ऑपरेशन (Mine-Sweeping Operations) को भी तीन गुना तेज करने का आदेश दिया है। हालांकि ट्रंप ने अपने संबोधन में आधिकारिक तौर पर किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीधा संदेश ईरान के लिए है। ईरान अक्सर सामरिक बढ़त बनाने के लिए इस संकरे समुद्री रास्ते को बंद करने या वहां बारूदी सुरंगें बिछाने की धमकी देता रहा है। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दों पर कूटनीतिक बातचीत भी जारी है, जिससे ट्रंप की ‘प्रेशर टैक्टिक्स’ साफ नजर आ रही है।
सामरिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ‘बिना चेतावनी गोली मारने’ के इस आदेश से बड़ी सैन्य गलती (Military Miscalculation) की संभावना बढ़ गई है। यदि किसी अन्य देश की व्यापारिक या मछली पकड़ने वाली नाव को गलती से निशाना बनाया गया, तो यह एक वैश्विक युद्ध की चिंगारी बन सकता है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 25% हिस्सा संभालता है। यहाँ एक भी धमाका या रास्ता बंद होने की घटना वैश्विक तेल की कीमतों को आसमान पर पहुँचा सकती है, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर सकती है। वर्तमान में अमेरिकी नौसेना की युद्धपोत और सर्विलांस टीमें होर्मुज में हाई अलर्ट पर हैं।
