प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश को संबोधित करते हुए एक सशक्त वैश्विक और स्थानीय संदेश साझा किया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आज की तनावग्रस्त दुनिया में भगवान बुद्ध का शांति और करुणा का संदेश अतीत का हिस्सा नहीं बल्कि भविष्य का मार्गदर्शक है। उन्होंने चिली जैसे देशों में बुद्ध के विचारों के विस्तार का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वयं पर विजय ही वास्तविक विजय है।

पीएम मोदी ने भारत की वैज्ञानिक और पर्यावरणीय उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने तमिलनाडु के कलपक्कम में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ (Fast Breeder Reactor) के क्रिटिकलिटी हासिल करने को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। साथ ही, उन्होंने उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) के बांस उद्योग की सफलता को ‘अष्टलक्ष्मी’ की समृद्धि से जोड़ते हुए कहा कि 2017 में बांस को पेड़ की श्रेणी से हटाने के कानूनी बदलाव के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने समाज के विभिन्न पहलुओं जैसे वन्यजीव संरक्षण (गोडावण और काले हिरण), भारतीय पनीर (Cheese) की अंतरराष्ट्रीय पहचान और ‘यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड’ में बेटियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने आगामी जनगणना प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग और ‘स्वयं-गणना’ (Self-enumeration) की सुविधा के बारे में भी बताया, जिससे नागरिक अब अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। सौर और पवन ऊर्जा पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने इसे केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा का आधार बताया।
