अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन एक बार फिर गोलियों की गूंज से थर्रा उठी है। वाशिंगटन के प्रतिष्ठित होटल हिल्टन में आयोजित ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर’ के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक फायरिंग शुरू हो गई। जिस समय यह हमला हुआ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कार्यक्रम में मौजूद थे। सीक्रेट सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 वर्षीय संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान कैलिफोर्निया के निवासी के रूप में हुई है। शुरुआती जांच के अनुसार, हमलावर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश कर रहा था। यह घटना सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक मानी जा रही है क्योंकि इसी होटल में 40 साल पहले भी एक तत्कालीन राष्ट्रपति पर जानलेवा हमला हुआ था। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद कोई व्यक्ति हथियार लेकर होटल के भीतर कैसे दाखिल हुआ। फिलहाल एफबीआई (FBI) हमलावर के मकसद और उसके बैकग्राउंड की गहन जांच कर रही है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए अपने सुरक्षित होने की पुष्टि की है। उन्होंने सीक्रेट सर्विस की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए उन्हें ‘शानदार’ बताया। ट्रंप ने यह भी घोषणा की है कि यह अधूरा रहा कार्यक्रम अगले 30 दिनों के भीतर दोबारा आयोजित किया जाएगा। इस हमले के बाद अमेरिका में राजनीतिक हस्तियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। राष्ट्रपति ट्रंप कुछ ही देर में व्हाइट हाउस से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति को स्पष्ट करेंगे।
