भारत के विमानन इतिहास में शनिवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण और इसके अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल का भव्य उद्घाटन किया। हज़ारों की भीड़ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इसे ‘जनता की अमानत’ और ‘भविष्य की उड़ान’ करार दिया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने जनता से मोबाइल की फ्लैश लाइट जलवाकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाने की अपील की। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के विकास का एक नया पावरहाउस बनने के लिए तैयार है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों में देरी को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने खुलासा किया कि जेवर एयरपोर्ट की फाइल को 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने ही मंजूरी दे दी थी, लेकिन अगले एक दशक तक केंद्र की कांग्रेस सरकार ने इसे फाइलों में दबाए रखा। पीएम ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले के मुख्यमंत्री ‘कुर्सी जाने के डर’ से नोएडा आने तक से कतराते थे, लेकिन भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार ने इस अंधविश्वास को तोड़कर नोएडा को यूपी के विकास का इंजन बना दिया है।
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और वैश्विक संकट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों को ‘राष्ट्र प्रथम’ की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब दुनिया खाद, डीजल और खाद्य संकट से जूझ रही है, तब विपक्षी पार्टियों को देश की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए। पीएम मोदी ने विमानन क्षेत्र की प्रगति का डेटा पेश करते हुए बताया कि 2014 से पहले देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे, जो अब बढ़कर 160 से अधिक हो चुके हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि आने वाले समय में 100 और नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि हवाई यात्रा केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि हर सामान्य भारतीय के सपने का हिस्सा बन सके।
