पिछले काफी समय से रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू रहे सोने और चांदी के खरीदारों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। वैश्विक और घरेलू बाजार के समीकरणों में हुए बदलाव के चलते पिछले एक हफ्ते के भीतर सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट सोने का भाव 2,106 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया है, जबकि चांदी की कीमतों में 11,250 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखी गई है।

2 जून के मुकाबले इतने गिरे दाम, देखें शुद्धता के आधार पर रेट
सर्राफा बाजार में बीते 2 जून को 24 कैरेट सोने का भाव 1,56,296 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर था, जो शुक्रवार (5 जून 2026) को बंद हुए कारोबारी सत्र में गिरकर 1,54,190 रुपये पर आ गया। IBJA द्वारा जारी विभिन्न शुद्धता (कैरेट) के आधार पर सोने-चांदी की दरें (बिना जीएसटी और मेकिंग चार्ज) इस प्रकार रहीं:
24 कैरेट गोल्ड: ₹1,54,190 प्रति 10 ग्राम
23 कैरेट गोल्ड: ₹1,53,573 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट गोल्ड (ज्वैलरी): ₹1,41,238 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट गोल्ड: ₹1,15,643 प्रति 10 ग्राम
14 कैरेट गोल्ड: ₹90,201 प्रति 10 ग्राम
चांदी (Silver Price): ₹2,54,950 प्रति किलोग्राम
(नोट: शनिवार और रविवार को IBJA द्वारा रेट जारी नहीं किए जाते हैं, इसलिए यह शुक्रवार के बंद भाव हैं।)

सरकार ने 9% बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, पीएम मोदी की ‘गोल्ड न खरीदने’ की अपील
सोने की इस भारी कीमत और लगातार होते आयात को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सोने और चांदी पर लगने वाली बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया है। टैक्स में इस 9 फीसदी के इजाफे का उद्देश्य देश से बाहर जा रहे विदेशी मुद्रा भंडार को रोकना है।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश के नागरिकों से मौजूदा वैश्विक आर्थिक हालातों को देखते हुए आगामी एक साल तक सोना न खरीदने की विशेष अपील की है। दरअसल, मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें पहले ही आसमान पर हैं, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) तेजी से घट रहा है। भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े आयातकों में से एक है, इसलिए पीएम ने फॉरेक्स रिजर्व को सुरक्षित रखने के लिए यह भावनात्मक और आर्थिक अपील की है।
शादियों का सीजन खत्म और खरीदार नदारद
सर्राफा विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमतों में इस बड़ी गिरावट के पीछे स्थानीय मांग का कमजोर होना भी एक मुख्य वजह है। देश में शादियों का सीजन पूरी तरह बीत चुका है, जिससे बाजारों से खरीदार गायब हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा टैक्स बढ़ाने और प्रधानमंत्री की अपील के बाद निवेशक और आम उपभोक्ता फिलहाल नया सोना खरीदने से बच रहे हैं, जिससे बाजार में सप्लाई के मुकाबले डिमांड काफी कम हो गई है।
