कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद, कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने राज्य की कमान संभाल ली है। बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह में डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस हाई-प्रोफाइल शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा नेता राहुल गांधी, पूर्व सीएम सिद्दारमैया और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल विशेष रूप से मौजूद रहे।

हाथ में संविधान की कॉपी लेकर ली शपथ
शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने हाथ में भारत के संविधान की एक कॉपी (प्रति) ले रखी थी, जिसके साथ उन्होंने शपथ पूरी की। इस कदम के जरिए उन्होंने संविधान के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान का एक बड़ा संदेश दिया। मंच पर कमान संभालने से पहले डीके शिवकुमार ने मल्लिकार्जुन खरगे और सिद्दारमैया को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका आशीर्वाद और अभिवादन लिया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
डॉ. जी. परमेश्वर बने डिप्टी सीएम, 12 मंत्रियों ने ली शपथ
मुख्यमंत्री के साथ-साथ डॉ. जी. परमेश्वर ने भी मंच पर कर्नाटक के नए उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) के रूप में शपथ ली। डॉ. परमेश्वर ने संविधान के रचयिता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर शपथ ग्रहण की। इसके अलावा, यतींद्र सिद्दारमैया समेत कांग्रेस के 12 वरिष्ठ नेताओं ने राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर शपथ ली। कैबिनेट मंत्रियों के रूप में शपथ लेने वालों में सीनियर नेता के.एच. मुनियप्पा (जिन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली), के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरे गौड़ा, प्रियांक खरगे और यू.टी. खादर प्रमुख रूप से शामिल रहे।
किसे मिल सकती है कौन सी जिम्मेदारी? (संभावित विभाग)
हालांकि विभागों के आधिकारिक और फाइनल बंटवारे को लेकर अभी भी सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन सूत्रों के हवाले से कैबिनेट के मंत्रियों को मिलने वाले विभागों की सूची सामने आ रही है:
प्रियांक खरगे: इन्हें बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
डिप्टी सीएम डॉ. जी. परमेश्वर: इन्हें राजस्व विभाग का कार्यभार मिलने की उम्मीद है।
के. रामलिंगा रेड्डी: इन्हें जल संसाधन विभाग का जिम्मा मिल सकता है।
कृष्णा बायरे गौड़ा: इन्हें बेंगलुरु विकास विभाग सौंपे जाने की संभावना है।
यू.टी. खादर: इन्हें स्वास्थ्य विभाग दिया जा सकता है।
एम.बी. पाटिल: इनके पास उद्योग विभाग की कमान रहने की उम्मीद है।
शरण प्रकाश पाटिल: इन्हें चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है।
इस नई सरकार के गठन के साथ ही कांग्रेस आलाकमान ने दक्षिण के इस महत्वपूर्ण राज्य में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की है।
