पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार रात कोलकाता में पार्टी के चुनाव प्रभारियों और प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम मैराथन बैठक की। करीब 4 घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में शाह ने जमीनी स्तर की तैयारियों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अमित शाह ने अब 27 अप्रैल तक कोलकाता में ही डेरा डालने का फैसला किया है, ताकि पहले दो चरणों की वोटिंग प्रक्रिया के दौरान वे सीधे तौर पर कमान संभाल सकें।

गृह मंत्री ने अपनी रैलियों के जरिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला है। पश्चिम बर्धमान के कुलटी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और माफिया राज को अपना मुख्य हथियार बनाया। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनते ही राज्य को घुसपैठियों से मुक्त कराया जाएगा और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। उन्होंने ‘लौह नगरी’ कुलटी की बदहाली के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए वादा किया कि बीजेपी सत्ता में आते ही अवैध खनन पर रोक लगाएगी और इस औद्योगिक केंद्र की पुरानी पहचान बहाल करेगी।
बीजेपी ने युवाओं को लुभाने के लिए रोजगार का बड़ा कार्ड खेला है। अमित शाह ने वादा किया कि राज्य में योग्यता के आधार पर हर साल एक लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान गुरुवार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर होना है। चुनाव के इस पड़ाव में उत्तर बंगाल और जंगलमहल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। गृह मंत्री का कोलकाता में रुकना यह साफ संकेत देता है कि बीजेपी इस बार बंगाल में किसी भी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती। राज्य में दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी, जबकि चुनावी नतीजों का ऐलान 4 मई को किया जाएगा।
