वैश्विक समुद्री व्यापार के सबसे संवेदनशील मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के तहत दो मालवाहक जहाजों, ‘MSC Francesca’ और ‘Epaminodes’ को हमला कर अपने कब्जे में ले लिया है। विशेष रूप से, ‘Epaminodes’ नामक जहाज दुबई से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) के लिए रवाना हुआ था, जिसे बीच रास्ते में ही ईरानी फोर्स ने जब्त कर लिया और अब उसे ईरानी तट की ओर ले जाया जा रहा है। भारत आ रहे इस जहाज की जब्ती ने नई दिल्ली के लिए समुद्री सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व चेतावनी या रेडियो संचार के की गई। चश्मदीदों और ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, आईआरजीसी की गनबोट्स ने अचानक जहाजों को घेर लिया और उन पर नियंत्रण कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि जहाजों के पास ट्रांजिट परमिशन होने के बावजूद उन पर फायरिंग की खबरें भी सामने आई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को दो सप्ताह के लिए बढ़ाया था। हालांकि, जमीन पर हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं, जिससे वेस्ट एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की ओर आ रहे क्रूड और अन्य व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना सीधे तौर पर भारतीय हितों को चुनौती देने जैसा है। इससे पहले भी होर्मुज में तीन अन्य जहाजों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि ईरान इस सामरिक मार्ग पर अपना सैन्य दबदबा पूरी तरह से कायम करना चाहता है। मुंद्रा पोर्ट जा रहे जहाज की जब्ती के बाद भारतीय नौसेना और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर रख रही हैं। यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापारिक जहाजों का आवागमन पूरी तरह ठप हो सकता है।
