रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। रूस की राजधानी मॉस्को में रविवार (17 मई, 2026) की आधी रात को यूक्रेन द्वारा किए गए एक भीषण ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य भारतीय कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। रूस स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है।

भारतीय दूतावास ने संभाला मोर्चा
घटना के तुरंत बाद भारतीय दूतावास के उच्च अधिकारियों ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का दौरा किया और अस्पताल जाकर घायल भारतीय कर्मचारियों से मुलाकात की। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “हम इस भयानक ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले भारतीय कर्मचारी के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। हम प्रभावित कर्मचारियों को हर संभव और जरूरी मदद दिलाने के लिए कंपनी प्रबंधन और स्थानीय रूसी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।”
यूक्रेन का एक साल का सबसे बड़ा हमला
रूसी अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण हवाई हमले में कुल तीन लोगों की मौत हुई है और 12 अन्य लोग घायल हुए हैं। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के हवाले से रूसी समाचार एजेंसी ‘TASS’ ने बताया कि रूसी एयर डिफेंस ने केवल आधी रात के दौरान मॉस्को की तरफ बढ़ रहे 81 यूक्रेनी ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया। पिछले 24 घंटों में यह आंकड़ा 120 से अधिक ड्रोन्स का रहा। मेयर ने इसे पिछले एक साल में यूक्रेन की तरफ से किया गया अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला करार दिया है।
भारी तबाही, पर रिफाइनरी सुरक्षित
रूस के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में पूरे रूसी क्षेत्र में कुल 556 यूक्रेनी ड्रोन्स को मार गिराया गया है। मॉस्को के मेयर ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े हमले के बावजूद मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी (तेल रिफाइनरी) की टेक्नोलॉजी पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, हालांकि रिफाइनरी के आसपास के तीन रिहायशी घरों को भारी नुकसान हुआ है।
