मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच देशवासियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरा बयान सामने आया है। बीते सप्ताह करीब चार साल बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद देश के कई हिस्सों से ईंधन की ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी) की खबरें आ रही थीं। इस स्थिति पर सोमवार को विराम लगाते हुए मोदी सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी (LPG) की कोई कमी नहीं है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिलाया पर्याप्त स्टॉक का भरोसा
ईंधन के रिजर्व और उपलब्धता की जानकारी देते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, “पूरे देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसलिए उपभोक्ताओं, रिटेल आउटलेट्स या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। भारत में सभी जरूरी ईंधनों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है।” सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों या डर के कारण ज्यादा खरीदारी करने से बचें और केवल जरूरत के मुताबिक ही ईंधन खरीदें।
वैकल्पिक साधनों को अपनाने पर जोर
ज्वाइंट सेक्रेटरी ने आगे कहा कि देश में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सरकार उपभोक्ताओं तक इसकी समय पर डिलीवरी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके साथ ही, भविष्य की सुरक्षा के लिहाज से सरकार देश के लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG), इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे खाना पकाने के वैकल्पिक एवं आधुनिक साधनों को ज्यादा से ज्यादा अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, कीमतों पर दोबारा बढ़ सकता है दबाव
गौरतलब है कि बीते 15 मई को तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और घाटे की भरपाई के लिए पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (CNG) के दामों में ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा किया था। वर्तमान में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पैदा हुआ गतिरोध बरकरार है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें सोमवार को 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं। बाजार विशेषज्ञों (Experts) का अनुमान है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह ऊंचे बने रहे, तो आने वाले समय में घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
