भारत के राजनीतिक मानचित्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती आज सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। सबसे पहले पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) गिने जा रहे हैं, जिसके बाद ईवीएम (EVM) के पिटारे खुलेंगे। इन नतीजों से न केवल पांच राज्यों की सत्ता तय होगी, बल्कि ममता बनर्जी, एम.के. स्टालिन और हिमंत बिस्वा सरमा जैसे कद्दावर नेताओं की राजनीतिक साख भी दांव पर लगी है।

पश्चिम बंगाल की 293 सीटों पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी का दावा कर रही है, वहीं भाजपा ने ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प के साथ कड़ी टक्कर दी है। असम में एनडीए (NDA) हैट्रिक लगाने की उम्मीद में है, तो केरल में वामपंथी मोर्चे (LDF) के अस्तित्व की लड़ाई है। तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति का नया अध्याय लिखा जा सकता है, जहाँ डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के बीच अभिनेता विजय की पार्टी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है। पुडुचेरी में भी सत्ता की नई तस्वीर साफ होगी।
चुनाव आयोग ने मतगणना को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए हैं। पहली बार क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र और त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा लागू किया गया है। गौरतलब है कि दक्षिण 24 परगना की फलता सीट पर धांधली के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया था, जहाँ 21 मई को दोबारा मतदान होगा, इसलिए आज उस एक सीट के नतीजे नहीं आएंगे। इन राज्यों के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों की 8 उपचुनाव सीटों के नतीजे भी आज ही घोषित किए जाएंगे, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा और दशा तय करेंगे।
