तमिलनाडु की सियासत में आज एक ऐसा सवेरा हुआ है जिसने पांच दशकों के द्रविड़ किलों को हिलाकर रख दिया है। सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य की 234 सीटों में से 97 सीटों पर बढ़त बनाकर सबको हैरत में डाल दिया है। टीवीके अब तक 12 सीटें जीत भी चुकी है, जबकि सत्ताधारी डीएमके (DMK) मात्र 53 सीटों पर सिमटती दिख रही है। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी खबर कांग्रेस खेमे से आ रही है, जो अब डीएमके का साथ छोड़ विजय के साथ हाथ मिलाने को आतुर नजर आ रही है।

सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु कांग्रेस इकाई ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को एक गोपनीय रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि कांग्रेस को राज्य में सत्ता के नए केंद्र के रूप में उभर रहे विजय (TVK) को समर्थन देना चाहिए। कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने विजय की इस लहर की तुलना एमजीआर और एनटी रामा राव की ऐतिहासिक जीत से करते हुए कहा कि विजय अकेले 35 पार्टियों के खिलाफ लड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि कांग्रेस और टीवीके ‘प्राकृतिक सहयोगी’ हैं और दोनों की विचारधारा में काफी समानताएं हैं।
तमिलनाडु में पिछले 50 वर्षों से द्रविड़ पार्टियों (DMK और AIADMK) का वर्चस्व रहा है, लेकिन 2026 के इन नतीजों ने ‘बदलाव की बहार’ को स्पष्ट कर दिया है। जहाँ एआईएडीएमके 44 सीटों पर आगे है, वहीं कांग्रेस 5 सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित मान रही है। अब गेंद राहुल गांधी के पाले में है, जो यह तय करेंगे कि क्या कांग्रेस दशकों पुराने डीएमके के साथ अपने गठबंधन को तोड़कर विजय के साथ एक नए युग की शुरुआत करेगी। राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें अब अंतिम नतीजों और उसके बाद बनने वाले संभावित समीकरणों पर टिकी हैं।
