पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के शोर के थमते ही महंगाई ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। 1 मई 2026 की सुबह देशवासियों के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका लेकर आई है। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹993 की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद दिल्ली से लेकर पटना तक कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम ₹3000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

राजधानी दिल्ली में अब 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर ₹2078.50 के बजाय ₹3071.50 में मिलेगा। वहीं, कोलकाता में इसकी कीमत अब ₹3202 और मुंबई में ₹3024 हो गई है। बिहार की राजधानी पटना में स्थिति और भी गंभीर है, जहां अब व्यापारियों को एक सिलेंडर के लिए ₹3361 चुकाने होंगे। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, आगरा और गोरखपुर जैसे शहरों में भी कीमतें ₹3100 से ₹3250 के बीच पहुँच गई हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा मालिकों पर पड़ेगा। लागत बढ़ने के कारण बाहर खाना और अन्य सेवाएं महंगी होने की पूरी संभावना है। चुनाव खत्म होते ही कीमतों में आए इस उछाल ने विपक्षी दलों को भी सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है। साल 2021 के चुनावों के बाद जहां कीमतें घटी थीं, वहीं 2026 के चुनावों के बाद का यह ‘प्राइस शॉक’ छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ सकता है। अब जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में घरेलू सिलेंडर भी इसी राह पर चलेगा या उसे राहत मिलती रहेगी।
