भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में अगले सप्ताह जबरदस्त हलचल देखने को मिल सकती है। कई कंपनियां अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी में हैं। निवेशकों के लिए यह सप्ताह खास रहने वाला है क्योंकि एक साथ कई नए इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाले हैं और कुछ कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट भी होने जा रही हैं।

मेनबोर्ड सेगमेंट में प्रमुख तौर पर Rajputana Stainless और Innovision अपने आईपीओ लॉन्च करने जा रही हैं। इन कंपनियों का उद्देश्य पब्लिक इश्यू के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये की पूंजी जुटाना है, जिसका उपयोग विस्तार योजनाओं और कारोबारी गतिविधियों को मजबूत करने में किया जाएगा।
राजपूताना स्टेनलेस का आईपीओ निवेशकों के लिए 9 मार्च से खुलने वाला है और 11 मार्च तक बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 254 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें नए शेयर जारी करने के साथ कुछ शेयर ऑफर फॉर सेल के रूप में भी पेश किए जाएंगे।

वहीं टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़ी कंपनी इनोविजन का आईपीओ 10 मार्च से शुरू होगा और 12 मार्च तक खुला रहेगा। लगभग 323 करोड़ रुपये के इस इश्यू में फ्रेश इश्यू के साथ ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। कंपनी का कहना है कि जुटाई गई राशि का उपयोग कारोबार विस्तार और नई तकनीकों में निवेश के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश ट्रस्ट Rajmarg Infra Investment Trust भी बाजार में बड़ा इश्यू लाने की तैयारी में है। यह पब्लिक इश्यू करीब 6000 करोड़ रुपये का हो सकता है, जो इसे आने वाले सप्ताह के सबसे बड़े ऑफर में से एक बना सकता है।
एसएमई सेगमेंट में भी गतिविधि तेज रहने वाली है। इस श्रेणी में Apsis Aerocom का आईपीओ निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी इस इश्यू के माध्यम से करीब 35 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। एसएमई आईपीओ में अक्सर छोटे निवेशकों की दिलचस्पी अधिक रहती है क्योंकि इन कंपनियों में तेजी से ग्रोथ की संभावना होती है।
नए इश्यू के साथ-साथ आने वाले दिनों में कुछ कंपनियों के शेयर बाजार में डेब्यू करने की भी तैयारी है। इनमें SEDEMAC Mechatronics, Elfin Agro India, Srinibas Pradhan Constructions और Acetech E-Commerce जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिनकी लिस्टिंग अलग-अलग तारीखों पर होने की संभावना है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीओ मार्केट में यह तेजी इस बात का संकेत है कि कंपनियां विस्तार के लिए पूंजी जुटाने को लेकर आशावादी हैं और निवेशकों का भरोसा भी बाजार पर बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञ निवेश से पहले कंपनियों की वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल और जोखिम कारकों को ध्यान से समझने की सलाह देते हैं।
