जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को आज एक साल पूरा हो गया है। इस भावुक और चुनौतीपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम एक कड़ा संदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए इस कायराना हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों ने अपनी जान गंवाई थी। पीएम मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन बेकसूरों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और देश इस दुख की घड़ी में एकजुटता के साथ खड़ा है।

हमले की बरसी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आतंकवाद को ‘मानवता का दुश्मन’ करार देते हुए भारत की ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को पनाह देने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। वहीं, भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक बयान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए दुश्मनों को चेतावनी दी है। ज्ञात हो कि मई 2025 में शुरू हुए इस विशाल सैन्य अभियान के तहत सेना ने 300 वर्ग किलोमीटर के दुर्गम क्षेत्र में आतंकियों का सफाया किया था। सेना ने साफ कर दिया है कि भारत के खिलाफ किसी भी हिमाकत का जवाब पहले से तय है और न्याय हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
आज पहली बरसी के मौके पर पूरी कश्मीर घाटी, विशेषकर पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रूप से कड़ी कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद पहलगाम और आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं। ड्रोन और आधुनिक तकनीक के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। 22 अप्रैल की उस काली तारीख को याद कर आज भी रूह कांप जाती है जब बैसरन की शांत वादियां चीखों और बारूद के धुएं से भर गई थीं। देश भर में आज उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है जिन्होंने इस हमले में अपने अपनों को खोया है।
