भारत के एक बड़े हिस्से में ‘सूरज का सितम’ अपने चरम पर पहुँच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों के लिए भीषण लू (Heatwave) का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू चुका है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक हफ्ते तक तपिश से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं, बल्कि राजस्थान और ओडिशा जैसे राज्यों में गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ने की आशंका है।

भीषण गर्मी के साथ-साथ तटीय राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में उच्च आर्द्रता (Humidity) ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उमस के कारण वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हो रही है, जिससे ‘फील्स लाइक’ टेम्परेचर (RealFeel) खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। आईएमडी ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक हो जाता है, तो उसे हीटवेव माना जाता है, और फिलहाल देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री ऊपर बना हुआ है।
राहत की बात करें तो मैदानी इलाकों में बारिश की उम्मीदें काफी कम हैं। हालांकि, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों जैसे तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक में अगले 72 घंटों में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। लेकिन दिल्ली, राजस्थान और यूपी के मैदानी इलाकों के लिए 22 अप्रैल तक लू का सितम जारी रहेगा। डॉक्टरों ने इस मौसम में डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक से बचने के लिए अधिक तरल पदार्थ लेने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।
