मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी का दौर और तेज हो गया है। ईरान के वरिष्ठ नेता Ali Larijani ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump को चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान अपने नेताओं और नागरिकों के खून का हिसाब जरूर लेगा। उनका यह बयान उस घटना के बाद सामने आया है जिसमें ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत हो गई थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने संदेश में लारीजानी ने कहा कि ईरान अपने नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई को भुलाएगा नहीं। उनके अनुसार देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए जवाब देना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जो ताकतें इस संघर्ष को बढ़ावा दे रही हैं, उन्हें इसके परिणामों के लिए तैयार रहना चाहिए।

लारीजानी की इस चेतावनी पर ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह इन धमकियों को गंभीरता से नहीं लेते और उन्हें यह भी नहीं पता कि लारीजानी किस संदर्भ में यह बयान दे रहे हैं। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका की नीति स्पष्ट है और यदि जरूरत पड़ी तो ईरान के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
मध्य पूर्व में यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब फरवरी के अंत में ईरान की राजधानी Tehran में कई सैन्य हमले हुए। इन घटनाओं के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और कई देशों ने अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
इस बीच ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों के सैन्य ठिकानों पर हमलों के आरोप भी लगाए हैं और कहा है कि अगर किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया गया तो वह जवाब देने के लिए मजबूर होगा। इससे पूरे क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य तनाव और बढ़ गया है।
एक अन्य विवाद उस समय सामने आया जब दक्षिणी ईरान के मिनाब इलाके में एक स्कूल पर हमले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबर आई। इस घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ट्रंप ने इस हमले में अमेरिका की भूमिका से इनकार किया है और कहा है कि संभव है यह किसी मिसाइल की तकनीकी गलती का परिणाम रहा हो।
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह तनाव किस दिशा में आगे बढ़ता है।
