प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेंगलुरु दौरे से ठीक पहले सुरक्षा व्यवस्था में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर फुटपाथ से दो जिलेटिन स्टिक्स (विस्फोटक सामग्री) बरामद की गईं। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया।

सुरक्षा जांच में हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, यह विस्फोटक सामग्री कागलीपुरा इलाके में एक आश्रम के पास फुटपाथ के किनारे मिली। रविवार सुबह प्रधानमंत्री के आगमन से पहले जब नियमित सुरक्षा जांच की जा रही थी, तब सुरक्षा बलों की नजर इन जिलेटिन स्टिक्स पर पड़ी। घटना की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते (BDDS) और फॉरेंसिक टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, शुरुआती जांच में किसी संगठित आतंकी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं।
आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम में पहुंचे पीएम
तमाम सुरक्षा चिंताओं के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु में ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ के 45 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में शिरकत की। उन्होंने फाउंडेशन के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक नए ध्यान केंद्र का उद्घाटन किया और श्री श्री रविशंकर के प्रयासों की सराहना की।
आध्यात्म और राष्ट्र निर्माण का आह्वान
जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बेंगलुरु केवल तकनीक का केंद्र नहीं है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक चेतना की भी ऊंचाई है। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए युवा सशक्तीकरण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विविधता को जोड़ने वाला मूल भाव ‘निःस्वार्थ सेवा’ है। उन्होंने ‘स्वच्छ भारत मिशन’ का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी सरकार के प्रयासों से कहीं अधिक प्रभावी होती है।
