रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार (21 जून 2026) को खेले गए बेहद रोमांचक खिताबी मुकाबले में भारत की युवा ब्रिगेड (India-A) ने इतिहास रच दिया है। कप्तान तिलक वर्मा के नेतृत्व में इंडिया-ए ने मेजबान श्रीलंका-ए को 66 रनों के बड़े अंतर से हराकर ट्राई सीरीज (त्रिकोणीय श्रृंखला) की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। भारतीय टीम की इस शानदार खिताबी जीत के सबसे बड़े महानायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने श्रीलंका के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर सनसनी मचा दी।

वैभव सूर्यवंशी का तूफान: 11 गेंदों में फिफ्टी, मोहम्मद शिराज के ओवर में कूटे 26 रन
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया-ए की शुरुआत किसी चक्रवात जैसी रही। टीम ने महज 3 ओवरों में ही 50 रनों का आंकड़ा पार कर लिया था। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने पारी के तीसरे ही ओवर में श्रीलंकाई गेंदबाज मोहम्मद शिराज के खिलाफ 3 छक्के और 2 चौके जड़कर एक ही ओवर में 26 रन बटोर लिए। वैभव ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी जारी रखते हुए सिर्फ 11 गेंदों पर अपना अर्धशतक (5 छक्के, 5 चौके) पूरा किया। ऐसा लग रहा था कि वैभव आज एक ऐतिहासिक शतक बनाएंगे, लेकिन 9वें ओवर में वे 92 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर श्रीलंकाई कप्तान सहान अराचिगे की गेंद पर कैच आउट हो गए। उनके आउट होने के समय भारत का स्कोर 132 रन था।
तिलक वर्मा की कप्तानी पारी और अनुकूल रॉय का कैमियो, भारत ने बनाया 377 का विशाल स्कोर
वैभव के आउट होने के बाद प्रियांश आर्य (39 रन) भी चलते बने। इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ (40) और कप्तान तिलक वर्मा ने मोर्चा संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी की। तिलक वर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए 90 गेंदों में 67 रन (4 चौके, 1 छक्का) बनाए। मध्यक्रम में कुमार कुशाग्र ने 36 रन जोड़े। पारी के अंतिम ओवरों में अनुकूल रॉय ने तबाही मचाते हुए महज 15 गेंदों पर नाबाद 39 रनों की कैमियो पारी खेली, जिसकी बदौलत इंडिया-ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
378 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने पावरप्ले में ही घातक गेंदबाजी करते हुए निरोशन डिकवेला (25), अविष्का फर्नांडो (3) और नुवानीदु फर्नांडो (21) को पवेलियन भेजकर मेजबानों की कमर तोड़ दी। इसके बाद सदीरा समरविक्रमा (52) और कप्तान सहान अराचिगे (38) ने 53 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन विप्रज निगम की फिरकी ने उन्हें टिकने नहीं दिया।
निचले क्रम में वानुजा सहान (62) और विजयकांत व्यासकांत (39) ने सातवें विकेट के लिए 77 रनों की साझेदारी कर भारत की सांसें रोकने की कोशिश की, लेकिन वानुजा के आउट होते ही श्रीलंकाई पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम 47.1 ओवर में 311 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से विप्रज निगम और यश ठाकुर ने 3-3 विकेट चटकाए, जबकि अनुकूल रॉय को दो सफलताएं मिलीं।
पॉइंट्स टेबल का समीकरण
बता दें कि इस ट्राई सीरीज में श्रीलंकाई टीम 6 अंकों के साथ टेबल टॉपर बनकर फाइनल में पहुंची थी, जबकि भारतीय टीम 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर थी। अफगानिस्तान-ए की टीम मात्र 2 अंकों के साथ पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी थी। भारत ने इस फाइनल मैच को जीतकर टूर्नामेंट में श्रीलंका से मिली पिछली हार का हिसाब भी चुकता कर लिया।
इंडिया-ए: 377/9 (50 ओवर) — वैभव सूर्यवंशी 92, तिलक वर्मा 67, ऋतुराज गायकवाड़ 40, अनुकूल रॉय 39*; वानुजा सहान 2/45।
श्रीलंका-ए: 311/10 (47.1 ओवर) — वानुजा सहान 62, सदीरा समरविक्रमा 52; यश ठाकुर 3/48, विप्रज निगम 3/52।
नतीजा: इंडिया-ए 66 रनों से जीती और ट्राई सीरीज की चैंपियन बनी।
