पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने 28 साल के इतिहास के सबसे बड़े और विनाशकारी अस्तित्व के संकट से गुजर रही है। संसद से लेकर बंगाल विधानसभा तक ममता बनर्जी के खिलाफ महाविद्रोह की आग भड़क चुकी है। संसद में एक अलग संसदीय गुट बनाने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपने वाले TMC के 19 बागी लोकसभा सांसदों की पूरी सूची अब खुलकर सामने आ गई है। इस सूची में बॉलीवुड के ‘शॉटगन’ शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान जैसे कई हाई-प्रोफाइल और चौंकाने वाले नाम शामिल हैं।

राज्यसभा में भी बड़ा झटका: सुखेंदु शेखर के बाद सुष्मिता देव का भी इस्तीफा
ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें सिर्फ लोकसभा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राज्यसभा में भी उनका कुनबा बिखर गया है। बुधवार को टीएमसी की कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अचानक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और संसद पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। सुष्मिता देव ने इसे अपना व्यक्तिगत और राजनीतिक निर्णय बताया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में मजबूत सूत्र दावा कर रहे हैं कि वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकती हैं। गौरतलब है कि इससे ठीक दो दिन पहले टीएमसी के सबसे वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
विद्रोह की कमान संभाल रहे ऋतब्रत बनर्जी का दावा: ‘हमारे पास 64 विधायक’
इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में बागी गुट के नेता और नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष (LoP) ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, “हमारे बागी गुट के साथ अब बंगाल के 64 विधायकों का लिखित समर्थन है और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने वाली है। बहुमत हमारे पास है, इसलिए असली तृणमूल कांग्रेस हमारा गुट है, न कि ममता बनर्जी का।” उन्होंने इन अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया कि वे कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। ऋतब्रत ने साफ किया कि उनका गुट स्वतंत्र रहकर असली टीएमसी के हक की लड़ाई लड़ेगा।
सामने आई TMC के 19 बागी लोकसभा सांसदों की पूरी सूची:
दावा है कि इन सभी 19 निर्वाचित सांसदों ने अलग संसदीय दल (ब्लॉक) बनाने और एनडीए (NDA) में शामिल होने की इच्छा वाले पत्र पर अपने आधिकारिक हस्ताक्षर किए हैं:
शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
यूसुफ पठान (बहरामपुर)
दीपक अधिकारी उर्फ देव (घाटाल)
शताब्दी रॉय (बीरभूम)
रचना बनर्जी (हुगली)
सायोनी घोष (जादवपुर)
जून मालिया (मेदिनीपुर)
काकोली घोष दस्तीदार (बारासात)
पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
डॉ. शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)
जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)
खलीलुर रहमान (जंगीपुर)
अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)
बापी हलदार (मथुरापुर)
मिताली बाग (आरामबाग)
कालीपद सोरेन (झाड़ग्राम)
अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा)
असित कुमार माल (बोलपुर)
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना:
यदि बागी खेमे की यह सूची और संख्या बल पूरी तरह सही साबित होता है, तो संसद के भीतर दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत भी ममता बनर्जी का आधिकारिक व्हीप निष्प्रभावी हो जाएगा। दो-तिहाई से अधिक सांसदों और बड़ी संख्या में विधायकों के टूटने के कारण ममता बनर्जी वैधानिक और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर पूरी तरह अलग-थलग पड़ गई हैं। फिलहाल टीएमसी आलाकमान ने इस लिस्ट पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
