रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने गुरुवार (16 जून 2026) को एक नया और बेहद आक्रामक मोड़ ले लिया। यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को को निशाना बनाते हुए अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी ड्रोन हमला (Drone Attack) किया है। इस रणनीतिक हमले की मुख्य जद में मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी (Moscow Oil Refinery) आई, जहाँ ड्रोन टकराने के बाद सिलसिलेवार जोरदार धमाके हुए और पूरी फैसिलिटी में भीषण आग लग गई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने खुद इस हमले का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो साझा किया है, जिसमें रिफाइनरी के विशाल तेल टैंक का ऊपरी हिस्सा (ढक्कन) मलबे के साथ हवा में उड़ता साफ दिखाई दे रहा है।

हवा में उड़ा टैंक, आसमान में छाया काले धुएं का गुब्बार
इंटरनेट पर वायरल और यूक्रेनी राष्ट्रपति द्वारा जारी किए गए वीडियो के शुरुआती हिस्से को एक चलती गाड़ी से रिकॉर्ड किया गया है, जिसमें दूर आसमान में काले धुएं का एक विशाल और डरावना गुब्बार उठता दिख रहा है। इसके बाद ऊंचाई (एरियल व्यू) से रिकॉर्ड किए गए फुटेज में एक भयावह दृश्य सामने आता है; जैसे ही एक आत्मघाती ड्रोन तेल स्टोरेज टैंक से टकराता है, एक गगनभेदी धमाका होता है और भारी-भरकम स्टील का टैंक ढक्कन समेत हवा में उड़ जाता है। वीडियो के अगले हिस्से में रिफाइनरी के कई मुख्य प्लांट आग की ऊंची-ऊंची लपटों और मलबे से घिरे नजर आ रहे हैं।
इतिहास का सबसे बड़ा हमला, रूस ने रातभर में मार गिराए 500 से अधिक ड्रोन
रूसी अधिकारियों और मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने स्वीकार किया है कि यह हाल के वर्षों में मॉस्को पर हुआ सबसे बड़ा और अभूतपूर्व हवाई हमला है। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन ने रातभर में रूसी हवाई क्षेत्र में 500 से अधिक ड्रोन दागे थे। रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से अधिकांश को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन लगभग 200 ड्रोन अकेले मॉस्को की दिशा में बढ़ रहे थे, जिनमें से कुछ सुरक्षा घेरे को भेदकर तेल रिफाइनरी तक पहुँचने में कामयाब रहे। इस हमले के चलते सुरक्षा कारणों से मॉस्को एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा, जबकि गिरे हुए ड्रोन्स के मलबे से कई रिहायशी और कमर्शियल इमारतों को भी नुकसान पहुँचा है।
“युद्ध क्षमता को ध्वस्त करना जरूरी था” — राष्ट्रपति जेलेंस्की
इस सफल सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह हमला यूक्रेन के रिहायशी इलाकों और मासूम नागरिकों पर रूस द्वारा किए जा रहे लगातार हवाई हमलों का सीधा और आनुपातिक जवाब है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन की सुरक्षा और संयुक्त रक्षा एजेंसियों ने मिलकर इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
जेलेंस्की ने कड़े लहजे में कहा, रूस की युद्ध क्षमता और उसकी सेना को ईंधन की रसद पहुंचाने वाले बुनियादी ढांचों (रिफाइनरियों) को निशाना बनाना हमारी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी था। यूक्रेन के मिड-रेंज और लॉन्ग-रेंज ड्रोन्स की बढ़ती सटीकता को अब हमारे सहयोगी देश भी स्वीकार कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि रूस इस निरर्थक युद्ध को खत्म करे और बातचीत की मेज पर आए।
गौरतलब है कि मॉस्को के अलावा यूक्रेन ने रूस के रोस्तोव (Rostov) क्षेत्र और अपने उन कब्जाए गए हिस्सों में भी रूसी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं जो वर्तमान में मॉस्को के नियंत्रण में हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस ने भी रातभर मिसाइलों से यूक्रेन की राजधानी कीव सहित कई राज्यों में भारी बमबारी की है, जिसके चलते पूरे यूक्रेन में अभी भी एयर रेड सायरन गूंज रहे हैं।
