गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आदिवासी क्षेत्रों में अपना जनाधार मजबूत करने में जुटी आम आदमी पार्टी (AAP) को मंगलवारको एक बहुत बड़ा और करारा झटका लगा है। नर्मदा जिले की एक सत्र अदालत ने ‘आप’ के वरिष्ठ आदिवासी नेता और डेडियापाडा से विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी और उनके पीए (PA) सहित कुल 8 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7 साल की कठोर कारावास (जेल) की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए. वी. हीरपारा ने यह फैसला वन विभाग के अधिकारियों पर हमले, रंगदारी (वसूली) और अवैध हथियार से फायरिंग करने के मामले में दिया है।

केजरीवाल के ‘तुरुप का इक्का’ हैं चैतर वसावा
अदालत का यह फैसला आम आदमी पार्टी के लिए तब आया है जब पार्टी आगामी चुनावों के लिए गुजरात के आदिवासी बेल्ट में अपनी जमीन मजबूत कर रही थी। चैतर वसावा को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी और गुजरात में पार्टी का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में डेडियापाडा सीट पर वसावा की ऐतिहासिक जीत के बाद से ही पूरी पार्टी का दारोमदार उन पर टिका हुआ था। इस सजा के बाद वसावा की विधायकी पर भी कानूनी खतरा मंडराने लगा है।
क्या है करीब 3 साल पुराना यह पूरा मामला?
यह पूरा विवाद अक्टूबर 2023 का है। वन विभाग के अधिकारियों ने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई फसलों को हटा दिया था, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव फैल गया था।
एफआईआर के मुताबिक: 30 अक्टूबर 2023 को विधायक चैतर वसावा ने वन विभाग के 5 अधिकारियों को चर्चा के बहाने डेडियापाडा कस्बे में स्थित अपने आधिकारिक आवास पर बुलाया था।
हमला और धमकी: आवास पर बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि वसावा और उनके सहयोगियों ने वन अधिकारियों को गालियां दीं, उनके साथ मारपीट की और अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से प्रभावित हुए किसानों के नुकसान की भरपाई के नाम पर पैसों (वसूली) की मांग की।
हवा में फायरिंग: वसावा पर यह भी गंभीर आरोप लगा था कि उन्होंने अधिकारियों को डराने के लिए अपने लाइसेंसी हथियार से हवा में फायरिंग की थी। इसके बाद 2 नवंबर 2023 को उनके खिलाफ आर्म्स ऐक्ट, दंगा भड़काने, वसूली और सरकारी कर्मचारी को अपनी ड्यूटी करने से रोकने सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
लापता रहने के बाद किया था सरेंडर
केस दर्ज होने के बाद चैतर वसावा कई दिनों तक भूमिगत (लापता) रहे थे, जिसके बाद उन्होंने 14 दिसंबर 2023 को पुलिस के सामने सरेंडर किया था। बाद में, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भरूच सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी। अदालत के इस फैसले पर फिलहाल आम आदमी पार्टी या चैतर वसावा की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, कानूनी जानकारों का मानना है कि वसावा इस फैसले और सजा पर रोक लगवाने के लिए जल्द ही गुजरात हाई कोर्ट (High Court) का दरवाजा खटखटाएंगे।
केस से जुड़े मुख्य बिंदु (Key Highlights of the Case):
सजा की अवधि: 7 साल की जेल (विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी समेत 8 लोग दोषी)।
अदालत: अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए. वी. हीरपारा, नर्मदा जिला कोर्ट।
घटना की तारीख: 30 अक्टूबर 2023 (डेडियापाडा आवास)।
लगाए गए आरोप: रंगदारी (Extortion), आर्म्स एक्ट (फायरिंग), दंगा और लोकसेवक पर हमला।
