देश की आम जनता पर महंगाई की एक और बड़ी मार पड़ी है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में लगातार जारी उतार-चढ़ाव और संकट के बीच तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान कर दिया है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 29 रुपये प्रति सिलेंडर का सीधा इजाफा किया गया है। राहत की बात देख रहे उपभोक्ताओं के लिए यह झटका आज यानी 7 जून से ही प्रभावी हो चुका है।

आखिर क्यों बढ़ानी पड़ीं कीमतें?
पेट्रोलियम उद्योग जगत से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर पिछले लंबे समय से भारी वित्तीय नुकसान (Under-recovery) उठा रही थीं, जिसके चलते कीमतों में संशोधन करना बेहद जरूरी हो गया था। इस नई बढ़ोतरी से पहले तक, तेल कंपनियों को बाजार में बेचे जाने वाले प्रत्येक 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर करीब 703 रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा था।
वैश्विक संकट और आपूर्ति बाधा का सीधा असर
पिछले कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) और अंतरराष्ट्रीय ईंधन की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इससे पहले इसी वर्ष 7 मार्च को भी घरेलू रसोई गैस पर प्रति सिलेंडर 60 रुपये की बड़ी वृद्धि की गई थी। उस समय पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में उपजे भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह बाधित हो गई थी। तेल कंपनियों का कहना है कि आज की इस ₹29 की बढ़ोतरी के बावजूद वे अभी भी अपनी वास्तविक लागत से काफी कम कीमत पर ही बाजार में गैस बेच रही हैं।
