प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘हरित और सतत विकास’ (Green & Sustainable Development) के सपने को साकार करते हुए गुजरात का एकता नगर आज भारत का एक अग्रणी मॉडल बनकर उभरा है। यहाँ वृक्षारोपण, प्रदूषण मुक्त परिवहन, स्वच्छ बिजली, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (Statue of Unity) का यह पूरा परिसर आज राष्ट्रीय एकता के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा का भी एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।

5 साल पहले पीएम मोदी ने लिया था संकल्प
ठीक 5 वर्ष पहले, 5 जून 2021 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर को देश का पहला ‘केवल ई-व्हीकल आधारित क्षेत्र’ (Only E-Vehicle Zone) बनाने की घोषणा की थी। आज इस ऐतिहासिक घोषणा को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं। बीते 5 वर्षों में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र विकास और पर्यटन विनियमन प्राधिकरण’ (SOUADTGA) ने इस परिकल्पना को मिशन मोड में काम करके धरातल पर उतारा है और वैश्विक स्तर पर ‘ग्रीन टूरिज्म’ की एक नई पहचान बनाई है।

शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों से लैस देश का पहला पर्यटन स्थल
एकता नगर आज दुनिया का ऐसा पहला पर्यटन स्थल है जहां सार्वजनिक और संस्थागत परिवहन पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित है। पिछले 5 वर्षों में यहाँ 459 इलेक्ट्रिक वाहनों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसके विवरण इस प्रकार हैं:
पर्यटकों के परिवहन के लिए: 55 इलेक्ट्रिक बसें
महिला सशक्तिकरण की मिसाल: आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित 75 पिंक इलेक्ट्रिक रिक्शा (जो रोजगार और पर्यावरण दोनों को बढ़ावा दे रहे हैं)।
कर्मचारियों के लिए: रोजमर्रा के कार्यों के लिए 49 इलेक्ट्रिक कारें।
परिसर के भीतर: पर्यटकों की सुविधा के लिए 45 गोल्फ कार्ट।
इको-फ्रेंडली सफर: पर्यटकों और कर्मचारियों के लिए 235 इलेक्ट्रिक साइकिलें।
इस पहल से एकता नगर में ध्वनि प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आई है।

‘ग्रीनिंग एकता नगर’ अभियान: 60 लाख से अधिक वृक्षों का उकेरा संसार
पर्यावरण को समृद्ध करने के लिए यहाँ ‘ग्रीनिंग एकता नगर’ परियोजना के तहत एक विशाल वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें 100% सफलता (वृक्षों के जीवित रहने की दर) हासिल की गई है। उप वन संरक्षक (DCF) प्रसाद रवि रामकृष्ण के मार्गदर्शन में टीम लगातार काम कर रही है।
इस परियोजना के तहत अब तक 15.22 लाख से अधिक पौधे सफलतापूर्वक उगाए जा चुके हैं (वर्ष 2023-24 में 4,55,000; 2024-25 में 5,67,000 और 2025-26 में 5,00,000 वृक्ष)। आगामी वर्ष 2026-27 के लिए भी 5,00,000 नए पेड़ लगाने का संकल्प है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण के बाद से विभिन्न इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स के तहत कुल मिलाकर 60 लाख से अधिक नए पेड़ उगाए गए हैं। इनमें 2.25 लाख केसूड़ा (पलाश) के पौधे, 2 लाख कृष्ण कमल के पौधे, विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर 30 लाख पौधे और सड़कों के किनारे 15 लाख पौधे शामिल हैं।

मियावाकी फॉरेस्ट और जैव विविधता के अनोखे मॉडल
मियावाकी फॉरेस्ट: जापानी वनस्पतिशास्त्री अकीरा मियावाकी की तकनीक पर आधारित यह शहरी वन 1.98 एकड़ में फैला है। इसमें 105 विभिन्न प्रजातियों के 1,07,010 से अधिक पौधे बहुत ही कम जगह में घनी आबादी के साथ उगाए गए हैं। इसे टिम्बर फॉरेस्ट, फ्रूट फॉरेस्ट, मेडिकल फॉरेस्ट और मूल वन जैसे अलग-अलग थीम पर विकसित किया गया है, जो आज पक्षियों और तितलियों का प्राकृतिक घर बन चुका है।
बटरफ्लाई गार्डन: जैव विविधता के लिए यहाँ स्थापित इस गार्डन में 83 प्रजातियों की तितलियों के संरक्षण के लिए 12,163 से अधिक पौधों के साथ एक विशेष निवास स्थान बनाया गया है।
एकता नर्सरी: यहाँ 244 प्रजातियों के 2.40 लाख से अधिक पौधों का संवर्धन किया जाता है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को स्मृति चिन्ह के रूप में ‘एकता प्लांट’ घर ले जाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स: वैली ऑफ फ्लावर्स, आरोग्य वन, विश्व वन, कैक्टस गार्डन जैसी पहल पर्यटकों को सीधे प्रकृति से जोड़कर “जिम्मेदार पर्यटन” की भावना जगाती हैं।
सौर ऊर्जा और प्लास्टिक-मुक्त जीवनशैली की ओर कदम
6.7 मिलियन यूनिट स्वच्छ बिजली: एकता नगर में कुल 11 स्थानों पर (पार्किंग-1, 2, 3, एडमिन बिल्डिंग, चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क, जंगल सफारी, रेवा भवन, टेंट सिटी, सर्किट हाउस, ग्लो गार्डन और आावास परिसर) 5.83 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए गए हैं, जो हर साल 6.7 मिलियन यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन करते हैं।
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर लगाम: यहाँ प्लास्टिक के विकल्प के रूप में सुपारी के पत्तों से बने बायोडिग्रेडेबल बर्तनों का उपयोग, कांच की बोतलों को बढ़ावा और मुख्य स्थलों पर वाटर रीफिलिंग स्टेशनों की व्यवस्था की गई है।
उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमित अरोरा ने बताया कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 जून 2021 को व्यक्त किए गए हरित और सतत भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एकता नगर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। स्वच्छ परिवहन, हरित आवरण, जैव विविधता, जिम्मेदार पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के 5 स्तंभों पर टिकी यह विकास यात्रा आज पूरे देश के लिए एक जीवंत प्रयोगशाला बन चुकी है।”
