रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ‘सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम’ (SPIEF) के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति को लेकर कई बड़े और दूरगामी बयान दिए हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि आर्थिक आकार के मामले में ब्रिक्स (BRICS) ब्लॉक बहुत पहले ही विकसित देशों के समूह जी-7 (G7) को पीछे छोड़ चुका है और आने वाले वर्षों में इन दोनों समूहों के बीच का यह अंतर और तेजी से बढ़ने वाला है। इस विशेष सत्र का संचालन भारत की प्रसिद्ध पत्रकार और इंडिया टुडे ग्रुप की ग्रुप एडिटर (विदेश मामलों) गीता मोहन ने किया।

ग्लोबल साउथ की ओर शिफ्ट हो रहा है दुनिया का केंद्र
रूसी राष्ट्रपति ने वैश्विक मंच पर विकासशील देशों, विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि बदलते वर्ल्ड ऑर्डर (विश्व व्यवस्था) में यह क्षेत्र सबसे अहम भूमिका में आ गया है। उन्होंने कहा, “यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वैश्विक आर्थिक विकास का केंद्र धीरे-धीरे पश्चिमी देशों से हटकर नए बाजारों और ग्लोबल साउथ की ओर शिफ्ट हो रहा है। विकास की रफ्तार के लिहाज से ब्रिक्स अब जी-7 के मुकाबले काफी आगे है।”
4% बनाम 1.1%: ब्रिक्स और G7 की विकास दर का अंतर
पुतिन ने अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक अनुमानों का हवाला देते हुए दोनों समूहों की विकास दर के आंकड़े पेश किए:
G7 देशों की विकास दर: इसके आगामी समय में महज 1.1 प्रतिशत की धीमी रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है।
BRICS देशों की विकास दर: इसकी वार्षिक वृद्धि दर लगभग 4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो जी-7 के मुकाबले करीब चार गुना अधिक है।
इसके साथ ही पुतिन ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच आपस में होने वाला वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार अब 1 खरब डॉलर ($1 Trillion) के ऐतिहासिक आंकड़े को भी पार कर चुका है।

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बीच पुतिन का मजबूत रुख
ब्रिक्स के प्रति पुतिन का यह आक्रामक और मजबूत समर्थन ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस ब्लॉक की लगातार आलोचना कर रहे हैं। पिछले वर्ष ट्रंप ने ब्रिक्स को अमेरिकी डॉलर के एकाधिकार के लिए एक बड़ा खतरा बताया था और समूह के देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की सख्त चेतावनी दी थी। गौरतलब है कि ब्रिक्स समूह में शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे, लेकिन अब इसका विस्तार हो चुका है और मिस्र, इथोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी इसके नए स्थायी सदस्य बन चुके हैं।
पश्चिमी देशों और यूरोपीय नीतियों पर तीखा हमला
मंच से पश्चिम पर सीधा निशाना साधते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि यूरोपीय संभ्रांत वर्ग (यूरोपीय एलिट्स) ने अपनी अदूरदर्शी नीतियों के कारण दुनियाभर में आर्थिक अव्यवस्था पैदा की है। उन्होंने कहा, “हम देख रहे हैं कि यूरोपीय नौकरशाही लगातार आक्रामक बयानबाजी और ऐसी नीतियां अपना रही है जो दूर की सोच से कोसों दूर हैं। ये नीतियां न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था में खुद यूरोप की स्थिति को कमजोर कर रही हैं, बल्कि इससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।” पुतिन के अनुसार, अब ग्लोबल इकोनॉमी अधिक संतुलित, बहुध्रुवीय और निष्पक्ष बनने की दिशा में अग्रसर है।
