तमिलनाडु की राजनीति में रविवार को एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ़ विजय ने भव्य समारोह के बीच राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही तमिलनाडु में पिछले छह दशकों से चला आ रहा DMK और AIADMK का बारी-बारी वाला सियासी दौर आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में सुबह 10 बजे विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

9 मंत्रियों ने संभाली जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री विजय के साथ उनकी कैबिनेट के नौ अन्य सदस्यों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वाले प्रमुख मंत्रियों में ‘बुसी’ एन. आनंद, आधव अर्जुना, केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी. वेंकटरमणन, सीटीआर निर्मलकुमार, ए. राजमोहन, टी. के. प्रभु और एस. कीर्तना शामिल हैं। यह नई सरकार कांग्रेस के सहयोग से चल रही गठबंधन सरकार होगी।
बहुमत का गणित और समर्थन
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता है। विजय की पार्टी TVK को वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने बिना किसी शर्त के समर्थन देने का ऐलान किया है। दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं, जिससे विजय के पास अब कुल 120 विधायकों का मजबूत समर्थन है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री विजय को 13 मई या उससे पहले सदन में विश्वासमत हासिल करने का निर्देश दिया है।
दिग्गजों का जमावड़ा
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित देश के कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। नेहरू स्टेडियम में समर्थकों का भारी सैलाब उमड़ा, जो अपने पसंदीदा नेता ‘थलपति’ को मुख्यमंत्री बनते देखने पहुंचे थे। विजय के नेतृत्व वाली यह सरकार राज्य में एक नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत मानी जा रही है।
