महीनों से जारी भीषण सैन्य टकराव और भारी कूटनीतिक रस्साकशी के बाद, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) से दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा ऐलान करते हुए दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते (Peace Deal) पर आज (रविवार) हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते पर दस्तखत होते ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा।

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कहा—’हम शांति के सबसे करीब’
इस कूटनीतिक महा-ब्रेकथ्रू की पुष्टि मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी की है। पीएम शरीफ ने ‘X’ पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका और ईरान पिछले कई महीनों के संघर्ष के बाद शांति समझौते के पहले से कहीं अधिक करीब हैं और अगले 24 घंटों के भीतर इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रविवार को एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समारोह (Electronic Signing Ceremony) निर्धारित किया गया है, जिसके तुरंत बाद अगले सप्ताह से तकनीकी स्तर की वार्ता शुरू होगी। सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने भी इस पूरी शांति प्रक्रिया के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों की सराहना की है।
ओबामा की जेसीपीओए (JCPOA) डील पर बरसे ट्रंप
ट्रंप ने अपने पोस्ट में ओबामा प्रशासन की साल 2015 की ईरान न्यूक्लियर डील पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा:
“बराक ओबामा की ईरान डील (JCPOA) असल में ईरान के लिए परमाणु हथियार पाने का एक आसान, शानदार और सीधा रास्ता थी। अगर वह डील लागू रहती, तो ईरान के पास छह साल पहले ही परमाणु हथियार आ चुके होते और वह अब तक उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता। लेकिन मेरा यह नया समझौता इसके बिल्कुल उलट है—यह परमाणु हथियारों के खिलाफ एक अभेद्य दीवार (A Wall to No Nuclear Weapon) है।”
ट्रंप ने दावा किया कि नए समझौते के तहत ईरान अब परमाणु हथियार नहीं चाहता है और न ही उसे यह कभी मिलने दिया जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ओबामा प्रशासन की तरह ईरान को अरबों डॉलर का नगद भुगतान (कैश) नहीं किया जाएगा, बल्कि इस बार ‘नो मनी एक्सचेंज’ (कोई पैसे का लेन-देन नहीं) की नीति अपनाई गई है।
‘B-2 बॉम्बर्स’ से पहाड़ों के नीचे से निकलेगी ‘न्यूक्लियर डस्ट’
अपने इस विस्तृत बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को लेकर एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर, जब पूरा इलाका पूरी तरह शांत हो जाएगा, तो अमेरिकी सेना अपने अत्याधुनिक B-2 बॉम्बर्स (B-2 Stealth Bombers) और बेहतरीन पायलटों की मदद से ईरान के ग्रेनाइट पहाड़ों के नीचे गहराई में दबे परमाणु कचरे और सामग्री (Nuclear Dust) को बाहर निकालेगी और उसे डाउनब्लेंड करके हमेशा के लिए नष्ट कर देगी।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भविष्य में ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट के साथ मिलकर काम करने को लेकर बेहद उत्साहित है। हालांकि, उन्होंने ईरान को परोक्ष रूप से चेतावनी देते हुए यह भी जोड़ दिया कि यदि यह शांति प्रक्रिया आसानी से पूरी नहीं होती है, तो अमेरिका के पास ‘सबसे आखिरी विकल्प’ (Ultimate Alternative) भी पूरी तरह तैयार है, जिसकी जरूरत शायद कभी न पड़े।
