पश्चिम एशिया के ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) और ओमान के तट के पास अमेरिकी नौसेना (US Navy) द्वारा कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद वैश्विक कूटनीति में भूचाल आ गया है। पिछले 4 दिनों के भीतर भारतीय क्रू मेंबर्स वाले 3 कमर्शियल जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों और 3 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत पर अब संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस वैश्विक मंच से अमेरिका को कड़ी फटकार लगाते हुए समुद्री कायदे-कानूनों की याद दिलाई है और इस अमेरिकी सैन्य आक्रामकता को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” करार दिया है।

4 दिन में तीसरा हमला; भारत ने दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को किया तलब
ओमान तट पर जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ अपना सबसे कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी राजनयिक ‘चार्ज डी अफेयर्स’ जेसन मीक्स (Jason Meeks) को पिछले 48 घंटों में दूसरी बार तलब (Summon) किया है। दरअसल, बुधवार को जब अमेरिकी मिसाइल हमले में ‘MT सेटेबेलो’ टैंकर पर 3 भारतीय नाविकों की मौत हुई थी, तब भारत ने पहली बार कड़ा विरोध दर्ज कराया था। लेकिन, इस कूटनीतिक आपत्ति को दरकिनार करते हुए गुरुवार को अमेरिकी नौसेना ने एक बार फिर ओमान तट के पास 20 भारतीय क्रू मेंबर्स वाले एक और वाणिज्यिक जहाज पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। नई दिल्ली ने इन हमलों को “बेहद चिंताजनक” बताते हुए वाशिंगटन के सामने इस मुद्दे को सर्वोच्च स्तर पर उठाया है।
IMO की अमेरिका को दोटूक: ‘समुद्री दादागीरी बर्दाश्त नहीं, कानून का करें सम्मान’
दुनिया भर में समुद्री जहाजों की सुरक्षा और अनुशासन की देखरेख करने वाली संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर अमेरिका की तीखी आलोचना की है। आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज (Arsenio Dominguez) ने अमेरिकी कार्रवाई को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
“होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कमर्शियल जहाज (MT सेटेबेलो) पर प्रोजेक्टाइल (मिसाइल) से हमला किया गया, जिससे उसमें आग लग गई और तीन निर्दोष नाविकों की जान चली गई। किसी भी महाशक्ति या देश की ओर से की गई ऐसी हरकत जिससे नाविकों की जान और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा खतरे में पड़े, यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी पर असर डालने वाली सभी सैन्य गतिविधियों में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून (International Maritime Law) और समुद्र में जीवन की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। नाविकों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है।”
यूएन महासचिव ने भी किया आईएमओ के बयान का पूर्ण समर्थन
आईएमओ की इस सख्त फटकार के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) के सेक्रेटरी-जनरल ने भी अमेरिकी हमले की खुले तौर पर निंदा की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के आधिकारिक प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक (Stephane Dujarric) ने न्यूयॉर्क में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “खास बात यह है कि सेट्टेबेलो टैंकर पर हमला हुआ और कई भारतीय नाविक मारे गए। इस हमले की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) के सेक्रेटरी-जनरल ने साफ़ तौर पर निंदा की थी। संयुक्त राष्ट्र और हमारे महासचिव उस कड़े बयान का पूरी तरह से समर्थन, अनुमोदन और पुष्टि करते हैं।”
वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की घेराबंदी करने के नाम पर निर्दोष भारतीय नाविकों और वाणिज्यिक मार्गों को निशाना बनाकर अमेरिका अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। भारत की सख्त कूटनीति और यूएन के इस दखल के बाद अब वाशिंगटन पर युद्धविराम और शांति वार्ता का दबाव भारी रूप से बढ़ गया है।
