fbpx
  Previous   Next
HomePoliticsबिहार में धकियाया लेकिन दिल्ली में स्वागत! कोंग्रेस की बैठक में पप्पु...

बिहार में धकियाया लेकिन दिल्ली में स्वागत! कोंग्रेस की बैठक में पप्पु यादव का शामिल होना क्या संकेत देता है?

क्या कांग्रेस आलाकमान ने पटना में पप्पू यादव को गाड़ी में ना चढ़ाकर एक तरह तेजस्वी यादव को खुश कर दिया, वहीं दिल्ली में कांग्रेस की बैठक में पप्पू यादव को बुलाकर उनको भी खुश कर दिया?

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां कमर कस चुकी है. सभी पार्टियां अपनी तरकस के सभी तीरों की धार को जांचने और परखने में लतगी हुई. ऐसे में दिल्ली में बिहार विधानसभा को लेकर कोंग्रेस ने बैठक का आयोजन किया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ राहुल गांधी भी शामिल हुए. इस बैठक में बिहार कांग्रेस के तमाम नेता शामिल हुए. मगर सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसमें पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को भी बुलाया गया. पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी की यात्रा के दौरान पप्पू यादव को ट्रक पर न चढ़ने देने के वाकये के बाद कांग्रेस आलाकमान ने जिस ढंग से पप्पू यादव को अहमियत दी है, इशारा साफ है कि कांग्रेस पप्पू यादव को अपने साथ लेकर चलने में यकीन कर रही है.

image 49

पप्पू यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था, मगर कोई कागजी कार्यवाही या कहें औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाई थीं, इसलिए पप्पू यादव पूर्णिया से लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़े. वहां से महागठबंधन की तरफ से आरजेडी ने भी अपना उम्मीदवार उतारा था, मगर जीत पप्पू यादव की हुई.

image 51


बिहार में धकियाया लेकिन दिल्ली में स्वागत

जानकार तो यह भी कहते हैं कि कांग्रेस आलाकमान ने पटना में पप्पू यादव को गाड़ी में ना चढ़ाकर एक तरह तेजस्वी यादव को खुश कर दिया, वहीं दिल्ली में कांग्रेस की बैठक में पप्पू यादव को बुलाकर उनको भी खुश कर दिया. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने के बाद पप्पू यादव ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि कांग्रेस में भी मुख्यमंत्री पद के लिए नेताओं की कमी नहीं है. उन्होंने तारिक अनवर और राजेश राम का नाम भी ले लिया.

image 50

पप्पू यादव को अहमियत देकर कांग्रेस क्या इशारा करना चाहती है
कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो पार्टी में पप्पू यादव को लेकर दो राय हैं. बिहार के कुछ नेताओं का कहना है कि पप्पू यादव को अपने बयानों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें कुछ ऐसा नहीं कहना चाहिए जिससे महागठबंधन पर असर पड़े. यह सब जानते हैं कि लालू परिवार के साथ पप्पू यादव के रिश्ते अच्छे नहीं हैं. वजह है पूर्णिया का लोकसभा चुनाव, जहां पप्पू यादव निर्दलीय लड़े थे और राजद के उम्मीदवार को हराया था. पप्पू यादव अब कांग्रेस का झंडा उठाकर घूम रहे हैं और राहुल गांधी जय के नारे लगा रहे हैं. दिल्ली की बैठक में कांग्रेस दफ्तर में पप्पू यादव को बुलाकर बड़े नेताओं से मुलाकात करना जरूर कुछ ऐसे इशारे हैं, जिसे राजद नजरअंदाज नहीं कर सकती.

image 53

क्या पप्पू यादव को साथ रखना होगा फायदेमंद?
कांग्रेस में पप्पू यादव के ढेरों सर्मथक भले ना हों, मगर जो भी उनके पक्ष में हैं, उन्हें लगता है कि पप्पू यादव को अपने पाले में रखना कांग्रेस के लिए फायदेमंद रहेगा क्योंकि एक तो वह खुद सांसद हैं. दूसरे उनकी पत्नी कांग्रेस से राज्यसभा की सांसद हैं और एक वक्त में बिहार से ही लोकसभा जीतती थीं.

image 52

कई नेताओं का मानना है कि खासकर सीमांचल में हरेक सीट पर पप्पू यादव के कुछ हजार वोट तो जरूर हैं. सीमांचल में 24 विधानसभा सीट हैं. इसके अलावा मधेपुरा और सहरसा में भी पप्पू यादव के समर्थक हैं. मतलब साफ है, कांग्रेस को महागठबंधन में एक रेफरी की भूमिका निभानी पड़ेगी ताकि सभी नेताओं के बीच एक सामंजस्य हो और गठबंधन एकजुट होकर लड़ें.

image 54

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

More News

वॉट्स्ऐप के नए ‘यूजरनेम’ फीचर पर सरकार सख्त; मेटा को नोटिस जारी कर भारत में रोलआउट रोकने का दिया निर्देश

सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग के क्षेत्र में एक बड़ा मोड़ देखने को मिला है। वॉट्स्ऐप (WhatsApp) द्वारा वैश्विक स्तर पर लॉन्च किए गए...

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुख्य आरोपी टिन्नू समेत 8 पर शिकंजा; गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी और वित्तीय हेराफेरी के मामले में आरोपियों के खिलाफ अब तक...

बड़ी ट्रेड डील से पहले डोनाल्ड ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक; अमेरिका ने भारत की 4 कंपनियों से हटाया प्रतिबंध

भारत और अमेरिका के बीच होने वाले आगामी बड़े व्यापारिक समझौते के आधिकारिक ऐलान से ठीक पहले एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने...

RELATED NEWS

पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता में FIR दर्ज; मार्च 2026 में दिए ‘भड़काऊ’ भाषण को लेकर बढ़ीं मुश्किलें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी के राजनीतिक जीवन का सबसे बुरा...

ममता बनर्जी का ‘किला’ पूरी तरह ढहा! शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान और देव समेत 19 बागी सांसदों के नाम आए सामने

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने 28 साल के इतिहास के...

ममता बनर्जी का किला ध्वस्त, अब ‘इंडिया’ गठबंधन का सहारा! सोनिया गांधी से मुलाकात की आस

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सियासी किला पूरी तरह...