झारखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस चुनाव में विधानसभा में पूर्ण बहुमत होने के बावजूद सत्तारूढ़ ‘INDIA’ गठबंधन को दूसरी सीट पर करारा झटका लगा है। एनडीए (NDA) के समर्थन से मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी ने क्रॉस वोटिंग के सहारे बाजी मारते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वहीं, पहली सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैद्यनाथ राम उम्मीद के मुताबिक विजयी रहे हैं। इस चुनाव में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांझा उम्मीदवार प्रणव झा को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

क्रॉस वोटिंग ने पलटा पासा; परिमल नथवानी को मिले 28 वोट
गुरुवार को झारखंड विधानसभा परिसर में सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए न्यूनतम 28 वोटों का कोटा तय किया गया था। चुनावी नतीजों में जेएमएम के बैद्यनाथ राम को सबसे ज्यादा 31 वोट मिले और वे आसानी से अपनी सीट निकाल ले गए। लेकिन असली खेल दूसरी सीट पर हुआ, जहाँ कांटे की टक्कर थी। एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी आवश्यक 28 वोट जुटाने में सफल रहे, जबकि मुकाबले में 3 वोट कैंसिल होने की बात भी सामने आई है। विधानसभा में संख्या बल कम होने के बावजूद नथवानी की यह जीत एनडीए के लिए एक बहुत बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है।
जानिए कहाँ चूक गया ‘INDIA’ गठबंधन और कांग्रेस का गणित?
झारखंड विधानसभा के गणित के हिसाब से जेएमएम (JMM) के पास अपने 34 विधायक थे, इसलिए बैद्यनाथ राम की जीत पहले से तय थी। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को जिताने के लिए गठबंधन को एक बेहद सटीक और कड़े मैनेजमेंट की जरूरत थी। कांग्रेस के पास अपने खुद के 16 विधायक थे। प्रणव झा को जिताने के लिए कांग्रेस को जेएमएम के बचे हुए 6 विधायकों, आरजेडी (RJD) के 4 और भाकपा माले (CPI-M) के 2 विधायकों के समर्थन की पूरी आवश्यकता थी। विपक्षी खेमे में सेंधमारी और ऐन वक्त पर हुई क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) ने कांग्रेस के इस पूरे जोड़-तोड़ के गणित को ध्वस्त कर दिया। ‘INDIA’ गठबंधन के कुछ विधायकों ने व्हिप और पार्टी लाइन से अलग जाकर एनडीए समर्थित परिमल नथवानी के पक्ष में मतदान कर दिया, जिससे पासा पूरी तरह पलट गया।
धरा रह गया ‘मॉक पोल’, महागठबंधन की मेहनत बेकार
दिलचस्प बात यह है कि इस संभावित खतरे और कन्फ्यूजन से बचने के लिए ‘INDIA’ गठबंधन ने चुनाव से ठीक एक दिन पहले बाकायदा मॉक पोल (Mock Poll) का अभ्यास भी कराया था। इस रिहर्सल के दौरान झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को 29 मत और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 25 मत मिले थे। गठबंधन के बड़े नेताओं ने अपने विधायकों को प्राथमिकता के आधार पर (Preference Voting) वोट डालने की बारीकियां भी समझाई थीं ताकि दोनों सीटें जीती जा सकें, लेकिन असल चुनाव के दौरान यह सारी जमीनी मेहनत धरी की धरी रह गई।
झारखंड की राजनीति में छिड़ी नई बहस
राज्यसभा चुनाव के इन नतीजों के बाद झारखंड की राजनीति में एक नया उबाल आ गया है। विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद ‘INDIA’ गठबंधन द्वारा दूसरी सीट न बचा पाना उनके अंतर्विरोधों और कमजोर फ्लोर मैनेजमेंट को उजागर करता है। दूसरी ओर, सीमित संख्या बल के बावजूद एक सीट अपने पाले में डालकर एनडीए ने न केवल मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक बढ़त हासिल कर ली है, बल्कि भविष्य के लिए विपक्षी खेमे में बड़ी दरार के संकेत भी दे दिए हैं।
चुनाव परिणाम का संक्षिप्त विवरण (Quick Result Summary):
उम्मीदवार का नाम पार्टी/गठबंधन मिले कुल वोट नतीजा
बैद्यनाथ राम झामुमो (JMM) / INDIA 31 विजेता
परिमल नथवानी निर्दलीय / NDA समर्थित 28 विजेता
प्रणव झा कांग्रेस (Congress) / INDIA – हार
नोट: मतदान के दौरान कुल 3 वोट अमान्य (Cancel) घोषित किए गए, जिसने परिमल नथवानी की राह को और आसान बना दिया।
