केरल में निपाह और जीका वायरस के बाद अब एक और बेहद जानलेवा वैश्विक महामारी ‘इबोला वायरस’ (Ebola Virus) का एक संदिग्ध मामला सामने आने से राज्य का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह अलर्ट पर आ गया है। हाल ही में अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान (South Sudan) से लौटी एक महिला में इबोला वायरस के गंभीर लक्षण पाए जाने के बाद उसे कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध मरीज की निगरानी शुरू कर दी है और उसके रक्त के नमूने (Samples) जांच के लिए भेज दिए हैं। फिलहाल अंतिम मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

बुखार के बाद खुली ट्रैवल हिस्ट्री, प्राइवेट अस्पताल से किया गया रेफर
स्वास्थ्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रभावित महिला गंभीर बुखार और इबोला से मिलते-जुलते अन्य शारीरिक लक्षणों की शिकायत लेकर पहले एक निजी (प्राइवेट) अस्पताल पहुंची थी। जब डॉक्टरों ने उसकी हालिया ट्रैवल हिस्ट्री (यात्रा का विवरण) खंगाली, तो पता चला कि वह 18 जून 2026 को ही दक्षिण सूडान से भारत लौटी है। इबोला प्रभावित क्षेत्र से आने की बात सामने आते ही अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना सरकारी अधिकारियों को दी, जिसके बाद महिला को उच्च स्तरीय इलाज और आइसोलेशन के लिए तत्काल कोट्टायम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा— ‘घबराने की जरूरत नहीं, प्रोटोकॉल लागू’
केरल में सामने आए इस संदिग्ध मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने जनता से पैनिक न होने की अपील की है। उन्होंने कहा, शुरुआती नैदानिक जांच के आधार पर फिलहाल घबराने या चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, हालांकि हम पूरी तरह सतर्क हैं और टेस्ट के अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने संदिग्ध मरीज की पूरी संपर्क सूची (Contact Tracing) तैयार कर ली है और सभी आवश्यक निगरानी प्रोटोकॉल को जमीन पर सक्रिय कर दिया गया है।
अफ्रीका में कहर बरपा रहा है इबोला, WHO घोषित कर चुका है हेल्थ इमरजेंसी
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से अफ्रीका महाद्वीप के कांगो और युगांडा सहित कई पूर्वी व मध्य अफ्रीकी इलाकों में इबोला वायरस के मामलों में अचानक भारी तेजी आई है। इस घातक संक्रमण के कारण वहां कई सौ मरीजों की मौत हो चुकी है, जिससे यह क्षेत्र के लिए एक बड़ा संकट बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इबोला को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ (PHEIC) घोषित कर चुका है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में भारत में इबोला का एक भी कन्फर्म (पुष्ट) मरीज नहीं है और विदेशों से आने वाले संदिग्धों की स्क्रीनिंग सघनता से की जा रही है।
क्या है इबोला वायरस और इसके मुख्य लक्षण? (What is Ebola Virus?)
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला एक अत्यंत संक्रामक और जानलेवा वायरल बीमारी है, जिसमें संक्रमित मरीज की मृत्यु दर (Mortality Rate) 50 प्रतिशत से भी अधिक होती है।
कैसे फैलता है: यह वायरस किसी संक्रमित इंसान या जानवर के शारीरिक तरल पदार्थ (खून, लार, पसीना आदि) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।
प्रमुख लक्षण: संक्रमण की शुरुआत में तेज बुखार, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी, गले में खराश, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण नजर आते हैं। यदि समय रहते लक्षणों को नियंत्रित न किया जाए, तो शरीर के अंदरूनी और बाहरी अंगों से रक्तस्राव (Bleeding) शुरू हो जाता है, जो अंततः मरीज की मौत का कारण बनता है।
