पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी होते ही एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं, जो देश की सियासत में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल की है, जहां दूसरे और अंतिम चरण की भारी वोटिंग के बाद अधिकांश सर्वे भाजपा को बहुमत मिलने का अनुमान लगा रहे हैं। मैट्रिज और चाणक्य स्ट्रैटजिस्ट जैसे प्रमुख सर्वे के अनुसार, बंगाल में भाजपा 150 से 160 सीटों तक पहुँच सकती है, जिससे ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सत्ता पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि, पीपल्स पल्स जैसे कुछ सर्वे अभी भी कांटे की टक्कर की ओर इशारा कर रहे हैं।
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पश्चिम बंगाल: टीएमसी और बीजेपी में कांटे की टक्कर
पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद करीबी नजर आ रहा है। जहां कुछ एजेंसियां ममता बनर्जी की वापसी की संभावना जता रही हैं, वहीं कई सर्वे बीजेपी को बढ़त दिखा रहे हैं।

तमिलनाडु: TVK का उदय और DMK की चुनौती
तमिलनाडु में इस बार अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। Axis My India के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

असम: बीजेपी की मजबूत वापसी के संकेत
असम में अधिकांश सर्वे सत्ताधारी बीजेपी गठबंधन की आसान जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं।

केरल: यूडीएफ (UDF) की सत्ता में वापसी की राह
केरल की परंपरा (हर पांच साल में सरकार बदलना) इस बार भी जारी रह सकती है। सर्वे के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व वाला UDF आगे चल रहा है।

पुडुचेरी: बीजेपी गठबंधन को बहुमत की उम्मीद
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में बीजेपी और उसके सहयोगियों का पलड़ा भारी दिख रहा है।

असम में एक बार फिर भाजपा की वापसी के प्रबल आसार दिख रहे हैं, जहाँ एक्सिस माई इंडिया ने एनडीए को 100 सीटों तक पहुँचते दिखाया है। दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके (DMK+) सत्ता में वापसी करती दिख रही है, हालांकि वहां अभिनेता विजय की नई पार्टी टीवीके (TVK) को लेकर एक्सिस माई इंडिया के चौंकाने वाले आंकड़े भी चर्चा में हैं। केरलम में इस बार बड़ा उलटफेर होने की संभावना है; अधिकांश सर्वे में कांग्रेस नीत यूडीएफ (UDF) की सरकार बनती दिख रही है, जिससे लेफ्ट (LDF) की विदाई के संकेत मिल रहे हैं। पुडुचेरी में एक बार फिर भाजपा गठबंधन को बढ़त मिलने का अनुमान है।
हालांकि, एग्जिट पोल के इन आंकड़ों के साथ एक बड़ा ‘डिस्क्लेमर’ भी जुड़ा है। भारत में एग्जिट पोल का इतिहास अक्सर गलत साबित होने का रहा है। 2021 के बंगाल चुनाव, हालिया महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड विधानसभा चुनावों में एग्जिट पोल के अनुमानों और वास्तविक नतीजों के बीच जमीन-आसमान का अंतर देखा गया था। बंगाल में इस बार मतदान का प्रतिशत 90% के पार जाना भी किसी बड़े ‘अंडरकरंट’ की ओर इशारा कर रहा है। अब सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि एग्जिट पोल की भविष्यवाणियां सच होती हैं या एक बार फिर जनता विश्लेषकों को चौंका देती है।
