दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) सहित उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भीषण गर्मी के बीच दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, भारी बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की गंभीर चेतावनी जारी की है। दिल्ली के कई इलाकों में मौसम बदलने के साथ ही तेज बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।

90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है आंधी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के सभी जिलों (सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, न्यू दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट, शाहदरा, साउथ, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट और वेस्ट दिल्ली) में शाम 6:15 बजे से लेकर रात 9:00 बजे तक का समय बेहद संवेदनशील है। इस दौरान क्षेत्र में 50 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है। आंधी के बाद मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में मौसम का मिजाज बिगड़ा
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी तेज हवाओं (40 से 60 किमी/घंटा) को लेकर अलर्ट जारी किया है:
उत्तर प्रदेश: अलीगढ़, झांसी, महोबा और मथुरा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आगरा, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), हमीरपुर और हाथरस में भी तेज आंधी-पानी की चेतावनी है।
हरियाणा: भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, हिसार, मेवात, रेवाड़ी और सिरसा में मौसम खराब रहने का अनुमान है। इसके अलावा गुरुग्राम, झज्जर, जींद, महेंद्रगढ़, पलवल और रोहतक में भी तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
राजस्थान व उत्तराखंड: राजस्थान के भरतपुर में मौसम बिगड़ने की चेतावनी है। वहीं पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में भी आंधी और बारिश का अलर्ट है।
IMD की नागरिकों से अपील
अचानक आए इस मौसमी बदलाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के समय अनावश्यक यात्रा करने से बचें। साथ ही, खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की हिदायत दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
