‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के झूठे दावों और प्रोपेगैंडा की एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोल खुल गई है। भारतीय वायुसेना के मुख्यालय से जारी एक बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक दस्तावेज ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि भारत के पास फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 राफेल विमान न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि पूरी तरह ऑपरेशनल (सक्रिय) भी हैं। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह द्वारा पाकिस्तान के दावों को पहले ही “मनोहर कहानियां” करार दिया जा चुका है, जिसकी पुष्टि अब आधिकारिक कागजात भी कर रहे हैं।
सैफ्रान कंपनी को भेजा गया ‘ब्रिज सपोर्ट’ टेंडर (RFP)
जानकारी के अनुसार, 15 जून 2026 को एयर मुख्यालय के डायरेक्टरेट ऑफ इंजीनियरिंग (राफेल) ने फ्रांस की प्रसिद्ध रक्षा कंपनी ‘सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स’ (Safran Aircraft Engines) को एक “ब्रिज सपोर्ट” प्रस्ताव (RFP) भेजा है। सैफ्रान वही मूल कंपनी है जो राफेल के शक्तिशाली M88 इंजन का निर्माण करती है। यह टेंडर दस्तावेज स्पष्ट रूप से उल्लेख करता है कि भारतीय वायुसेना 2016 के भारत-फ्रांस सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए सभी 36 राफेल विमानों का निर्बाध संचालन कर रही है और 18 सितंबर 2026 के बाद भी इनके रखरखाव और तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी।

5 महीने में 2,250 घंटे उड़ान का अनुमान
टेंडर दस्तावेजों के अनुसार, इस अंतरिम (ब्रिज) सपोर्ट पैकेज को 36 राफेल विमानों के संचालन को ध्यान में रखकर ही तैयार किया गया है। इसके तहत हर विमान के लिए औसतन सालाना 150 घंटे की उड़ान तय की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि आगामी पांच महीने की ‘ब्रिज पीरियड’ के दौरान वायुसेना ने पूरे बेड़े के लिए कुल 2,250 घंटे की उड़ान का अनुमान लगाया है। यदि बेड़े में एक भी विमान कम होता, तो टेंडर में विमानों की संख्या 36 नहीं होती, क्योंकि मेंटेनेंस और सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट हमेशा ऑपरेटर के पास मौजूद वास्तविक इन्वेंट्री (भौतिक संख्या) पर आधारित होते हैं।
कैसे ध्वस्त हुआ पाकिस्तान का ‘राफेल नैरेटिव’?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तानी सेना और वहां के सोशल मीडिया हैंडल्स ने भारत को नुकसान पहुंचाने का झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की थी। पाकिस्तानी मीडिया और कमेंटेटर्स ने अलग-अलग आंकड़े पेश करते हुए दावा किया था कि उन्होंने भारत के कम से कम तीन राफेल विमान मार गिराए हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत की एक महिला पायलट को बंधक बनाने की भी अफवाह फैलाई थी।
वायुसेना के इस नए रक्षा दस्तावेज में बेड़े की संख्या में किसी भी प्रकार की कमी का कोई जिक्र नहीं है। मूल अनुबंध के तहत विमानों को पांच साल के लिए स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव सहायता मिली थी, जिसे अब 18 सितंबर 2026 के आगे बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। वर्तमान में भारत के ये सभी 36 राफेल विमान अंबाला और हासिमारा स्थित वायुसेना के नंबर 17 स्क्वाड्रन “गोल्डन एरोज़” और नंबर 101 स्क्वाड्रन में तैनात रहकर देश की सीमाओं की रखवाली कर रहे हैं।
राफेल बेड़े के टेंडर से जुड़े मुख्य आंकड़े (Key Metrics of Rafale Fleet Tender):
कुल विमान संख्या: 36 राफेल जेट (सभी सुरक्षित और चालू हालत में)
अनुबंध वर्ष: 2016 (भारत-फ्रांस अंतर-सरकारी समझौता)
सालाना औसत उड़ान: 150 घंटे (प्रति विमान)
ब्रिज सपोर्ट अवधि: 5 महीने (कुल 2,250 उड़ान घंटे)
मूल इंजन निर्माता: सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स (M88 इंजन)
तैनाती स्क्वाड्रन: नंबर 17 स्क्वाड्रन (गोल्डन एरोज़) और नंबर 101 स्क्वाड्रन
