केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे पर अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। देश से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालने का अपना संकल्प दोहराते हुए अमित शाह ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने विपक्ष को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, यहाँ केवल वही रहेगा जो इस देश में जन्मा है और जिसे यहाँ की नागरिकता का कानूनी अधिकार प्राप्त है।

“उद्धव ठाकरे कांग्रेस की गोद में बैठे हैं” — विपक्ष पर तीखा हमला
कोल्हापुर की रैली में महा विकास अघाड़ी और विशेष रूप से उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा, उद्धव जी आज कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए हैं। ये लोग घुसपैठियों को अपना वोटबैंक बनाकर राजनीति करना चाहते हैं और देश की सुरक्षा से समझौता कर रहे हैं। लेकिन वे कान खोलकर सुन लें, यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी और देश भर से एक-एक घुसपैठिए को चुनकर बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। अमित शाह ने बंगाल सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है। उन्होंने देशवासियों को विश्वास दिलाया कि न केवल बंगाल बल्कि देश की तमाम सीमाओं से हर प्रकार की अवैध घुसपैठ को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
पीएम मोदी के ऐतिहासिक रिकॉर्ड और सांगठनिक विस्तार की सराहना
जनसभा के दौरान गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके एक विशेष रिकॉर्ड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश में सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से चुने हुए प्रधानमंत्री रहने का एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया है। अमित शाह के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों (2014 से 2026) के दौरान मोदी जी के कुशल नेतृत्व में सोमनाथ से लेकर गंगासागर तक और देश के हर कोने में भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा एनडीए (NDA) का शासन और विचारधारा फैली है, यहाँ तक कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी जनता ने भाजपा को मुख्य ताकत बनाया है।
देश में हो रहा है ऐतिहासिक सांस्कृतिक पुनर्जागरण
राम मंदिर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए अमित शाह ने कहा कि एक समय था जब लोग सोचते थे कि हम अपने जीते-जी अयोध्या में राम मंदिर देख पाएंगे या नहीं। लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में न केवल अयोध्या में भव्य राम मंदिर अपनी भगवा ध्वजा के साथ सीना ताने खड़ा है, बल्कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम का पुनर्निर्माण, सोमनाथ मंदिर को पुनः स्वर्णजड़ित करने का कार्य और मां कामख्या कॉरिडोर का निर्माण तेजी से हुआ है। उन्होंने एलान किया कि अब कोल्हापुर में ‘मां अंबाबाई कॉरिडोर’ बनाने का काम भी शुरू हो गया है, जो ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को साकार करता है।
इससे पहले शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर के ऐतिहासिक और पवित्र शक्तिपीठ श्री अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन और पूजा-अर्चना की, जिसकी तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा कीं।
सुरक्षा पर संकल्प: भारत से प्रत्येक अवैध घुसपैठिए को बाहर निकालने की प्रतिबद्धता।
राजनीतिक प्रहार: उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पर तुष्टीकरण और घुसपैठियों को वोटबैंक बनाने का आरोप।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: देश में चल रहे प्रमुख धार्मिक कॉरिडोर (काशी, अयोध्या, कामख्या) की तर्ज पर कोल्हापुर में ‘मां अंबाबाई कॉरिडोर’ की शुरुआत।
मोदी का रिकॉर्ड: पीएम मोदी के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल और सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम रहने के गौरव का उल्लेख।
