आज यानी 1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही आम आदमी के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। ये बदलाव आपकी जेब, बैंक ट्रांजैक्शन और यात्रा की लागत को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे। सबसे बड़ा बदलाव नया आयकर कानून 2025 है, जिसने दशकों पुराने 1961 के एक्ट की जगह ले ली है। इसके तहत अब ‘असेसमेंट ईयर’ जैसे जटिल शब्द इतिहास बन गए हैं और उनकी जगह सरल ‘टैक्स ईयर’ ने ले ली है। इसके साथ ही नए लेबर कोड के लागू होने से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब कुल वेतन का कम से कम 50% होना अनिवार्य हो गया है, जिसका सीधा असर आपके पीएफ (PF) योगदान में बढ़ोतरी और हाथ में आने वाली ‘टेक-होम’ सैलरी में कटौती के रूप में दिखेगा।

बैंकिंग सेवाओं की बात करें तो HDFC बैंक ने बड़ा झटका देते हुए यूपीआई (UPI) के जरिए एटीएम से कैश निकालने को भी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल कर दिया है। सीमा खत्म होने पर अब हर बार 23 रुपये प्लस टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं, पीएनबी (PNB) के ग्राहकों के लिए दैनिक निकासी की सीमा 1 लाख से घटाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। सड़क यात्रा भी अब महंगी होगी क्योंकि फास्टैग (FASTag) का वार्षिक पास 3,000 रुपये से बढ़कर 3,075 रुपये हो गया है। रेलवे ने भी रिफंड नियमों को सख्त कर दिया है, जहाँ ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल न करने पर अब एक भी रुपया वापस नहीं मिलेगा।
इतना ही नहीं, मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के तनाव ने रसोई गैस (LPG) की कीमतों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं। मार्च में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद आज फिर से कीमतों में संशोधन की संभावना बनी हुई है। शेयर बाजार के निवेशकों, विशेषकर F&O ट्रेडिंग करने वालों के लिए सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में 150% तक की भारी वृद्धि आज से प्रभावी हो गई है। पैन कार्ड (PAN) के नियमों में भी सख्ती आई है, जहाँ अब आधार के साथ एक अतिरिक्त दस्तावेज देना अनिवार्य होगा और बड़े लेनदेन पर पैन की निगरानी और कड़ी कर दी गई है। इन बदलावों के बीच उपभोक्ताओं को अपने मासिक बजट को नए सिरे से संतुलित करने की जरूरत होगी।

ATM के नियम में बदलाव
HDFC बैंक ने कहा है कि अगर आप एटीएम से यूपीआई का यूज करके कैश निकालते हैं तो उसे एटीएम फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के तहत गिना जाएगा, जबकि पहले अलग से लिमिट थी. महानगरों में एचडीएफसी बैंक के एटीएम में 5 ट्रांजैक्शन फ्री होगा, बाकी के लिए 3 ट्रांजैक्शन फ्री होगा. महानगरों के अलावा अन्य शहरों में 5 ट्रांजैक्शन फ्री होगा. चार्ज भी बढ़ चुका है अगर लिमिट समाप्त हो जाती है तो हर लेनदेन पर 23 रुपये का चार्ज लागू होगा. इसके ऊपर टैक्स अलग से लगाया जाएगा. PNB ने 1 अप्रैल से, चुनिंदा कार्डों के लिए मैक्सिमम डेली विड्रॉल लिमिट ₹1 लाख से घटाकर ₹50,000 कर दी गई है.
नया इनकम टैक्स कानून
1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स कानून 2025 लागू हो रहा है, जो इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा. इसके तहत HRA, अलाउंस और टैक्स सिस्टम को सरल बनाने के लिए नियम बदल रहा है. इसके तहत फाइनेंशियल ईयर, असेसमेंट ईयर को समाप्त करके टैक्स ईयर कर दिया गया है. साथ ही सैलरी स्ट्रक्चर और टैक्स प्लानिंग भी बदल सकती है.

शेयर बाजार में ज्यादा टैक्स
अगर आप F&O ट्रेडिंग करते हैं तो 1 अप्रैल से सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) ज्यादा देना पड़ेगा. सरकार ने बजट के दौरान ही इस टैक्स में बढ़ोतरी का ऐलान किया था. फ्यूचर पर एसटीटी 150 फीसदी और ऑप्शन पर एसटीटी करीब 50 फीसदी बढ़ाया गया है.
FASTag का एनुअल पास महंगा
कुछ समय पहले सरकार ने फास्टैग के लिए एनुअल पास लागू किया था, जिसके तहत 3000 रुपये में 200 ट्रिप की सुविधा दी गई थी. अब 1 अप्रैल से ये महंगा होने जा रहा है. हाईवे टोल के लिए FASTag का एनुअल पास महंगा हो रहा है, जो ₹3000 से बढ़कर ₹3075 हो जाएगा.

नया लेबर कोड
नया लेबर कोड 1 अप्रैल से पूरे देश में प्रभावी हो रहा है, जिसके तहत आपकी बेसिक सैलरी 50 फीसदी रखना जरूरी है. ऐसे में पीएफ का कंट्रीब्यूशन बढ़ सकता है और आपकी टेक होम सैलरी कम हो सकती है.
PAN कार्ड को लेकर बदलाव
पैन कार्ड के तहत कई तरह के बदलाव हो रहे हैं. सबसे पहला बदलाव अगर आप पैन बनवाने जाते हैं तो अब आपको सिर्फ आधार ही नहीं बल्कि कोई अन्य डॉक्यूमेंट भी देना अनिवार्य होगा. साथ ही सालाना 10 लाख रुपये कैश जमा, 5 लाख तक के वाहन खरीदने, होटल या रेस्टोरेंट में 1 लाख से ज्यादा पेमेंट और 20 लाख तक की अचल संपत्ति खरीदने पर पैन दिखाना अनिवार्य होगा.

LPG की कीमतें
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच मार्च के दौरान घरेलू एलपीजी और कमर्शियल एलपीजी के दाम में इजाफा किया गया था. रसोई गैस के दाम में 60 रुपये और कमर्शियल एलपीजी के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी. अभी भी टेंशन बना हुआ है ऐसे में एलपीजी के दाम में फिर से संशोधन दिखाई दे सकता है.
रेलवे टिकट कैंसिल नियम
1 अप्रैल से रेलवे टिकट कैंसिल करने का भी नियम बदल रहा है. 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर सबसे ज्यादा रिफंड दिया जाएगा. 72 से 24 घंटे पहले कैंसिल करने पर 25 फीसदी किराया कटेगा, 24 से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर 50 फीसदी किराया कटेगा और 8 घंटे बाद टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा.
