अमेरिका ने इमिग्रेशन नीति को और सख्त करते हुए 75 देशों के नागरिकों के लिए वीजा प्रोसेसिंग अस्थायी रूप से रोकने का बड़ा फैसला लिया है। इस कदम को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें अमेरिका में सरकारी लाभ योजनाओं पर निर्भरता को रोकना प्रमुख उद्देश्य बताया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत स्टेट डिपार्टमेंट सभी मौजूदा स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं की दोबारा समीक्षा कर रहा है, जिसके चलते कई देशों के आवेदकों के वीजा आवेदन फिलहाल रोक दिए गए हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका के कई देश शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि वीजा नीति में यह बदलाव “पब्लिक चार्ज” नियमों को और सख्ती से लागू करने के लिए किया गया है। इसका मतलब यह है कि ऐसे आवेदकों को वीजा मिलने में मुश्किल हो सकती है, जिनके बारे में यह आशंका है कि वे अमेरिका पहुंचकर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं या सरकारी सहायता पर निर्भर हो सकते हैं।

इस फैसले के बाद कई देशों में अमेरिका जाने की योजना बना रहे छात्रों, कामकाजी पेशेवरों और परिवारों में अनिश्चितता का माहौल है। इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल अस्थायी हो सकता है, लेकिन इसका असर लंबे समय तक वीजा प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर दिख सकता है। कुछ मानवाधिकार संगठनों ने भी इस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे जरूरतमंद और योग्य आवेदकों के साथ भेदभाव होने की आशंका बढ़ सकती है।
अमेरिकी प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि नई समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद वीजा नियमों को और स्पष्ट किया जाएगा। तब तक, संबंधित देशों के नागरिकों को इंतजार करने और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। वैश्विक स्तर पर इस फैसले को अमेरिका की कड़ी इमिग्रेशन सोच के एक और संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
