भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते आने वाले दिनों में एक नया इतिहास रचने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी साल दिसंबर 2026 में एक बार फिर अमेरिका के दौरे पर जाएंगे। भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने वॉशिंगटन में आयोजित ‘यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम’ (USISPF) समिट में खुद इस बात का बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी दिसंबर में फ्लोरिडा के मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका आ रहे हैं, जिसके साथ ही वे वॉशिंगटन का दौरा भी करेंगे। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का आधिकारिक न्योता दिया था। ट्रंप प्रशासन भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा सौदों और एच-1बी (H-1B) वीजा नीतियों को लेकर सीधे और ठोस समझौते करने के लिए बेहद उत्सुक है।

“वो मेरी तरह हैं, सोते नहीं हैं” – अमेरिकी दूत ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी की गहरी और अनौपचारिक दोस्ती (Personal Chemistry) से जुड़ा एक बेहद मजेदार किस्सा साझा किया। गोर ने बताया, “एक बार मैं राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैकस्टेज बैठा था, तभी अचानक उन्होंने मुझसे कहा— ‘चलो, मेरे दोस्त पीएम मोदी को फोन लगाते हैं।’ इस पर मैंने हैरान होकर ट्रंप से कहा कि सर, इस समय भारत में सुबह के 6 बज रहे होंगे (यानी वहां रात होगी)। लेकिन ट्रंप ने तुरंत मुस्कुराते हुए जवाब दिया— ‘अरे, चिंता मत करो, वो जाग रहे होंगे। वो बिल्कुल मेरी तरह हैं, सोते नहीं हैं!'” हालांकि, उसी समय मंच पर ट्रंप के नाम की घोषणा होने के कारण वह कॉल उस वक्त नहीं हो सकी और उसे अगले दिन के लिए री-शेड्यूल करना पड़ा।
ट्रंप क्यों चाहते हैं पीएम मोदी का वॉशिंगटन दौरा?
राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप पीएम मोदी की अगवानी करने के लिए व्यक्तिगत रूप से काफी उत्सुक हैं। इसके पीछे कई बड़े वैश्विक और रणनीतिक कारण हैं:
वैश्विक चुनौतियां: यूक्रेन संकट, मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) का तनाव और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका को भारत के मजबूत और विश्वसनीय साथ की जरूरत है।
बड़ी ट्रेड डील (Trade Deal): दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते (Interim Trade Deal) के पहले चरण को अंतिम रूप देने पर काम चल रहा है। राजदूत गोर ने भरोसा जताया कि यह समझौता जल्द ही फाइनल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक जटिल कानूनी प्रक्रिया है जिसमें हजारों उत्पाद शामिल हैं, लेकिन बातचीत बहुत सकारात्मक दिशा में है।
अगले साल 2027 में भारत आ सकते हैं राष्ट्रपति ट्रंप
जब सर्जियो गोर से पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी भारत का दौरा करेंगे? तो उन्होंने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि ट्रंप अगले साल यानी 2027 में भारत आ सकते हैं। फिलहाल अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनावों के कारण राष्ट्रपति व्यस्त हैं, लेकिन अगले साल उनके भारत आने की पूरी संभावना है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों शीर्ष नेताओं की यह निजी ट्यूनिंग भारत-अमेरिका के आर्थिक और रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
