धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की पावन नगरी काशी (वाराणसी) को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और उसकी पौराणिक पहचान के अनुरूप बनाए रखने के लिए वाराणसी नगर निगम ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। शहर के भीतर संचालित होने वाली मीट, मांस और मछली की दुकानों को अब चरणबद्ध तरीके से शहर की मुख्य सीमा से बाहर स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाएगा। शनिवार को मैदागिन स्थित टाउनहाल भवन में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम की साधारण सभा (सदन) की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लग गई।

6 महीने में जमीन पर उतरेगी योजना, खरीदे गए 5 स्थान
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने इस बड़े फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के कारण देश-विदेश से हर रोज लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ आते हैं। उनकी धार्मिक भावनाओं और शहर की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए अगले 6 महीनों के भीतर इस योजना को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को अवगत कराया कि योजना के पहले चरण के क्रियान्वयन के लिए शहर की बाहरी सीमा के पास 5 प्रमुख स्थानों का चयन कर लिया गया है। ये पांच चिन्हित इलाके निम्नलिखित हैं:
रामनगर
सूजाबाद
गणेशपुर
अवलेशपुर
शिवपुर
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इन बाहरी क्षेत्रों को इस तरह से रणनीतिक रूप से चुना गया है ताकि मांस-मछली का व्यवसाय भी सुचारू रूप से चलता रहे और आम जनता को खरीदारी करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
व्यापारियों की आजीविका की समस्या का होगा स्थायी समाधान
सदन की बैठक के दौरान पार्षद गुलशन अली ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाते हुए याद दिलाया कि करीब एक साल पहले भी इसी तरह का एक प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण उस पर अमल नहीं हो सका था। उन्होंने एक व्यावहारिक समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पवित्र सावन के महीने में शहर के भीतर मीट-मांस की दुकानें बंद करा दी जाती हैं, जिससे इस कारोबार से जुड़े सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर बेहद बुरा असर पड़ता है। दुकानों के शहर से बाहर एक सुव्यवस्थित क्लस्टर में शिफ्ट होने से इस समस्या का हमेशा के लिए समाधान हो जाएगा और सावन के दौरान भी उनका रोजगार प्रभावित नहीं होगा। नगर आयुक्त ने सदन को आश्वस्त किया है कि इस बार भूखंडों का चयन पूरी तरह से हो चुका है और जल्द ही इस फैसले को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
