मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान ने क्षेत्रीय रिश्तों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को सुधारने की अपील करते हुए कहा है कि ईरान की प्राथमिकता अब शांति और सहयोग को बढ़ावा देना है।
सरकारी प्रसारण पर दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं के कारण जिन पड़ोसी देशों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है, उनसे खेद व्यक्त करना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की नीति अब क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और संघर्ष को कम करने की दिशा में होगी।

राष्ट्रपति ने बताया कि देश की सैन्य इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी पड़ोसी देश पर हमला करने से बचा जाए, जब तक कि पहले ईरान पर हमला न किया जाए। उनके अनुसार यह फैसला क्षेत्र में अनावश्यक तनाव को कम करने और पड़ोसी देशों के साथ विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से लिया गया है।
हाल के दिनों में मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। कई देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसी पृष्ठभूमि में ईरान की ओर से आया यह बयान क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
इस बीच Saudi Arabia ने भी हालिया हमलों के बाद सख्त प्रतिक्रिया देते हुए ईरान को किसी भी गलत आकलन से बचने की चेतावनी दी थी। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि उनके सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिशों को सुरक्षा बलों ने समय रहते विफल कर दिया।
रिपोर्टों के अनुसार राजधानी Riyadh के पास स्थित Prince Sultan Air Base की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी वायु रक्षा प्रणाली ने बीच में ही रोक लिया। इसके अलावा सीमा के पास स्थित शयबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमलों को भी नाकाम कर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान अपने इस नए रुख पर कायम रहता है, तो इससे पूरे क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक माहौल बन सकता है। हालांकि स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें मध्य पूर्व की घटनाओं पर टिकी हुई हैं।
