देश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी माहौल गर्म होने जा रहा है। चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा कर दी है, जिसके बाद राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ ही इन राज्यों में प्रचार अभियान, गठबंधन की बातचीत और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी तेजी पकड़ने लगी है।

जानकारी के मुताबिक इस बार पश्चिम से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक कई महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनावों को देश की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज है।
बंगाल में दो चरणों में मतदान
पश्चिम बंगाल की विधानसभा में 294 सीटें हैं, जिसमें मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है. ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली टीएमसी 2011 से राज्य पर राज कर रही है. बंगाल में दो चरणों में होगी. वोटिंग 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगी. चार मई को मतगणना होगी. पश्चिम बंगाल पहले फेज में 152 और दूसरे फेज में 142 सीटों पर मतदान होगा.
असम में नौ अप्रैल को मतदान
असम में मौजूदा बीजेपी की लीडरशिप वाली एनडीए सरकार और कांग्रेस के बीच 126 असेंबली सीटों के लिए मुकाबला होगा. असम में एक चरण में नौ अप्रैल को होगी. मतगणना 4 मई को होगी.
केरलम में नौ अप्रैल को मतदान
केरलम में, 140 सीटों के लिए लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच मुख्य मुकाबला है. बीजेपी के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) भी चुनाव लड़ रहा है, जिसमें BJP का लक्ष्य लगभग 100 सीटें जीतना है और उसके सहयोगी भारत धर्म जन सेना (BDJS) और ट्वेंटी 20 गठबंधन के हिस्से के रूप में बाकी 40 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.केरल में मतदान नौ अप्रैल को होगी. मतगणना 4 मई को होगी.
तमिलनाडु में 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर प्रचार अभियान तेज हो गया है और पार्टियां अपने गठबंधनों में सीट-शेयरिंग की व्यवस्था को अंतिम रूप दे रही हैं. तमिलनाडु में 23 अप्रैल एक चरण में मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होगी.
पुडुचेरी में 30 सीटों पर नौ अप्रैल को मतदान
पुडुचेरी अपनी 16वीं विधानसभा के सभी 30 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कराएगा. कांग्रेस DMK और CPI के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है, जबकि विपक्ष में ऑल इंडिया NR कांग्रेस, BJP और AIADMK शामिल हैं. पुडुचेरी में मतदान नौ अप्रैल को होगी और चार मई को मतदान होगा.
इस बार चुनावों में मतदाताओं की संख्या भी काफी बड़ी बताई जा रही है, जिससे यह चुनाव और भी महत्वपूर्ण हो गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि सभी राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट कर लिया गया है और मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनावों की घोषणा के साथ ही Election Commission of India ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को तय नियमों का पालन करना होगा।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में चुनावी सभाओं, रैलियों और जनसंपर्क अभियानों की संख्या बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
