पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण सैन्य संघर्ष की सीधी मार अब भारत के आम नागरिकों की रसोई पर पड़ने लगी है। बीते 7 जून को घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी से जनता अभी संभल भी नहीं पाई थी कि केंद्र सरकार की तरफ से एक और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि वैश्विक स्तर पर उपजे गंभीर संकट के चलते आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी और पेट्रोल-डीजल के दामों में और अधिक इजाफा हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का बड़ा बयान: ‘कीमतें बढ़ाना हमारी मजबूरी’
बढ़ती महंगाई और विपक्ष के हमलों के बीच केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने सरकार का पक्ष रखते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “गैस सिलेंडर और ईंधन की कीमतें बढ़ने से हमें भी बेहद दुख और अफसोस है। लेकिन इस फैसले की आलोचना करने से पहले लोगों को दुनिया की मौजूदा नाजुक स्थिति को समझना होगा। इस समय पूरी दुनिया कई गंभीर और अप्रत्याशित संकटों का सामना कर रही है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है।

आखिर क्यों और महंगे होंगे गैस और तेल?
केंद्रीय मंत्री ने बढ़ती कीमतों के पीछे तीन मुख्य वैश्विक कारणों का हवाला दिया है:
सप्लाई चेन और ट्रांसशिपमेंट प्रभावित: युद्ध के चलते दुनिया भर में माल की ढुलाई और गैस की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो गई है। अब एलपीजी बहुत सीमित जगहों से ही उपलब्ध हो पा रही है, जिससे मांग के मुकाबले वैश्विक बाजार में भारी दबाव है।
रूट बदलने से बढ़ा समय और इंश्योरेंस खर्च: संघर्ष के कारण जहाजों को सुरक्षित रास्तों से घूमकर आना पड़ रहा है। जो सामान पहले जल्दी पहुँचता था, उसे भारत आने में अब 40-45 दिन का लंबा समय लग रहा है। समय बढ़ने के कारण जहाजों का बीमा (इंश्योरेंस) खर्च और लॉजिस्टिक्स लागत आसमान छू रही है।
बेस कॉस्ट में उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन और कच्चे माल की मूल कीमत (बेस कॉस्ट) पहले के मुकाबले काफी ज्यादा हो चुकी है।
7 जून को ही बढ़े हैं ₹29, कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ है महंगा
गौरतलब है कि बीते रविवार (7 जून) को ही देश में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 29 रुपये बढ़ाए गए थे, जिसके बाद राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुँच गई है। इससे पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिसके कारण होटल, रेस्तरां और खान-पान के कारोबार से जुड़े व्यापारियों में पहले से ही काफी तनाव और आक्रोश का माहौल है।
केंद्रीय मंत्री ने देश की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “आम लोगों को होने वाली इस परेशानी को लेकर सरकार पूरी तरह चिंतित है, लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ते खर्चों को देखते हुए फिलहाल कीमतें बढ़ाना हमारी मजबूरी बन गया है।”
