प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने इजरायल दौरे के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने का संकेत दिया है। इजरायल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और Israel के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA पर औपचारिक बातचीत शुरू हो चुकी है और दोनों देश इसे जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच 23 फरवरी से शुरू हुई वार्ता 26 फरवरी तक चली, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस बार दोनों पक्ष सकारात्मक रुख के साथ आगे बढ़ रहे हैं और जल्द किसी साझा सहमति तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

पीएम मोदी के दौरे का फोकस रक्षा सहयोग, विज्ञान और तकनीक, कृषि नवाचार, जल प्रबंधन और डिजिटल सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर रहा। माना जा रहा है कि FTA लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में निवेश और व्यापार को नई गति मिलेगी। खासतौर पर स्टार्टअप, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और एग्री-टेक सेक्टर में साझेदारी को बल मिल सकता है।
हालांकि वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापारिक आंकड़े बहुत बड़े नहीं हैं, लेकिन लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3.62 से 3.75 बिलियन डॉलर के बीच रहा। इसमें भारत का निर्यात करीब 2.14 बिलियन डॉलर और आयात लगभग 1.6 बिलियन डॉलर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि FTA के बाद यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।

यह उल्लेखनीय है कि भारत-इजरायल FTA पर चर्चा पहले भी हो चुकी है, लेकिन 2021 में यह प्रक्रिया ठहर गई थी। अब दोबारा शुरू हुई वार्ता को लेकर कूटनीतिक हलकों में उत्साह देखा जा रहा है। व्यापार के प्रमुख क्षेत्रों में हीरे, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पाद और मशीनरी शामिल हैं। समझौते के बाद इन वस्तुओं पर टैरिफ में कमी आने से कारोबार को नई दिशा मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस डील से न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक भरोसा भी मजबूत होगा। इजरायल तकनीक और रक्षा क्षेत्र में अग्रणी है, जबकि भारत बड़ा बाजार और उत्पादन क्षमता रखता है। ऐसे में यह साझेदारी दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
