fbpx
  Previous   Next
HomePoliticsअमेरिकी लोकतंत्र की कसौटी बना वेनेजुएला संकट, सत्ता संतुलन की नई लड़ाई...

अमेरिकी लोकतंत्र की कसौटी बना वेनेजुएला संकट, सत्ता संतुलन की नई लड़ाई शुरू

वेनेजुएला संकट को लेकर अमेरिकाकी आंतरिक राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। वॉशिंगटन में हुए हालिया घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिकी सत्ता संरचना के भीतर विदेश नीति को लेकर गंभीर मतभेद उभर रहे हैं। अमेरिकी सीनेट में हुए मतदान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक रणनीति को संवैधानिक दायरे में कसने का संकेत दिया है, जिससे व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल के बीच तनाव और गहरा गया है।

trump 6

इस फैसले को केवल एक विधायी प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे राष्ट्रपति की स्वतंत्र सैन्य शक्ति पर अंकुश के तौर पर समझा जा रहा है। वेनेजुएला जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राष्ट्रपति के अपने ही राजनीतिक खेमे से विरोध का उभरना यह दर्शाता है कि अमेरिका में विदेशों में सैन्य हस्तक्षेप को लेकर सोच बदल रही है। सीनेट के भीतर यह भावना मजबूत हुई है कि युद्ध जैसे फैसले केवल कार्यपालिका के भरोसे नहीं छोड़े जा सकते।

trump 7

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम का प्रभाव अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी पड़ेगा। जिन देशों में अमेरिका की सक्रिय भूमिका रही है, वे अब यह आंकलन कर रहे हैं कि वॉशिंगटन के फैसले कितने स्थायी और भरोसेमंद हैं। वहीं लैटिन अमेरिका में यह संदेश गया है कि वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी नीति अब केवल राष्ट्रपति के बयान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसे संसद की कसौटी से गुजरना होगा।

trump 3

हालांकि ट्रंप प्रशासन की ओर से कड़े बयान और रणनीतिक दबाव की नीति जारी है। कैरिबियन क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी और आर्थिक प्रतिबंधों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका वेनेजुएला में अपने हितों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। अंतर सिर्फ इतना है कि अब हर कदम पर राजनीतिक सहमति की जरूरत पड़ेगी, जिससे फैसलों की दिशा और गति दोनों प्रभावित होंगी।

आने वाले समय में यह तय होगा कि यह राजनीतिक हस्तक्षेप अमेरिकी लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देखा जाएगा या फिर वैश्विक नेतृत्व में अस्थिरता के संकेत के तौर पर। इतना जरूर है कि वेनेजुएला संकट अब केवल अंतरराष्ट्रीय संघर्ष नहीं रहा, बल्कि अमेरिकी लोकतांत्रिक व्यवस्था की परीक्षा भी बन चुका है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

More News

IND vs NZ: आखिरी वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर पलट दिया इतिहास, पहली बार जीती सीरीज

भारतीय क्रिकेट के गढ़ माने जाने वाले इंदौर में रविवार का दिन मेहमान टीम न्यूजीलैंड के नाम रहा। जबरदस्त आत्मविश्वास, धैर्यपूर्ण बल्लेबाज़ी और अनुशासित...

वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की ट्रेड नीति का नया रोडमैप

बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात ने भारत की व्यापार नीति को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। बजट 2026 से पहले सरकार के सामने...

बयान पर मचे बवाल के बाद एआर रहमान की सफाई, कहा– ‘मेरी बातों को गलत समझा गया’

ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका संगीत नहीं बल्कि हालिया बयान और उस पर...

RELATED NEWS

महंगाई भत्ते को लेकर बढ़ी उम्मीदें, 8वें वेतन आयोग से पहले अहम संकेत

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच एक बार फिर महंगाई भत्ते को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लगातार बढ़ती जीवन लागत...

राहुल गांधी को खुद की सहयोगी दल ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर दिया क्षटका ! किसने कहा कि ‘वोट चोरी’ कांग्रेस का मुद्दा

देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस लंबे समय से वोट चोरी का मुद्दा उठा रही है. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी कई बार...

बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के लिए संघ-संगठन-सरकार की पहली पसंद कैसे बनें नितिन नवीन?

BJP के सबसे युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रुप में नितिन नवीन का चयन हुआ है. दूर-दूर तक जिनके नाम की चर्चा नहीं थी,...