कोलकाता में राजभवन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में आ गई है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को कथित रूप से भेजे गए धमकी भरे संदेश के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस घटना ने राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और उच्चस्तरीय निगरानी शुरू कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल कार्यालय को प्राप्त एक ईमेल में गंभीर भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल कदम उठाने पड़े। संदेश की प्रकृति को देखते हुए इसे हल्के में नहीं लिया गया और तुरंत राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भी सूचित किया गया। इसके बाद राजभवन परिसर और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया।

राज्यपाल पहले से ही उच्च श्रेणी की सुरक्षा के दायरे में हैं, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। लोक भवन और उससे जुड़े इलाकों में आने-जाने वालों की गहन जांच की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी भी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए सभी मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि राज्यपाल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और ईमेल भेजने वाले की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्कता जरूरी है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद कोलकाता में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राज्य और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर मामले की जांच कर रही हैं और राजभवन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
