पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त देश की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली सियासी खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच दिल्ली में चल रही बेहद हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील बैठक खत्म हो गई है। इस निर्णायक मुलाकात के बाद बागी गुट की वरिष्ठ नेता और सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने देश के सियासी गलियारों में भूचाल लाने वाला बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने एलान किया है कि बागी धड़े के पास टीएमसी संसदीय दल का दो-तिहाई (Two-Thirds) से अधिक का मजबूत बहुमत मौजूद है और वे अब ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ के बैनर तले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करेंगे।

एंटी-डिफेक्शन कानून बेअसर; तकनीकी रूप से बची सांसदों की सदस्यता
संसद भवन में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने साफ लफ्जों में कहा, “हम लोग संख्या बल में दो-तिहाई से अधिक हैं। हमने स्पीकर को इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज और हस्ताक्षर सौंप दिए हैं।” काकोली घोष के इस दावे का सीधा और बड़ा कूटनीतिक मतलब यह है कि तकनीकी और कानूनी रूप से इस बागी गुट पर दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि उनके पास मूल पार्टी से अलग होने के लिए जरूरी दो-तिहाई सांसदों का वैधानिक आंकड़ा मौजूद है, जिससे सभी बागी सांसदों की संसद सदस्यता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ का गठन, सीधे NDA को समर्थन
भविष्य की रणनीति का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने स्पष्ट किया कि टीएमसी से टूटा यह धड़ा अब पूरी तरह से नया रास्ता चुन चुका है। उन्होंने आधिकारिक घोषणा की कि ये सभी सांसद अब एक नए दल ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ के रूप में संसद के भीतर और बाहर एक साथ आएंगे। उन्होंने कहा कि उनका यह नया मोर्चा सीधे तौर पर केंद्र की सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन का हिस्सा बनने जा रहा है और वे सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश और बंगाल के विकास के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।
ममता बनर्जी का ‘साम्राज्य’ ढहा, दिल्ली से कोलकाता तक हड़कंप
लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुई इस अंतिम और निर्णायक बैठक ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को उनके 28 साल के राजनीतिक इतिहास का सबसे विनाशकारी झटका दिया है। हाल ही में संपन्न हुए बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त के बाद, टीएमसी के भीतर सुलग रही आंतरिक असंतोष और बगावत की आग अब देश की संसद के भीतर एक ऐतिहासिक और वैधानिक विभाजन (Split) के रूप में तब्दील हो चुकी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि लोकसभा स्पीकर द्वारा इस नए गुट को ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ के रूप में अलग संसदीय दल की आधिकारिक मान्यता मिलना अब महज एक औपचारिकता रह गया है। इस महा-उलटफेर ने बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सियासत की चूलें हिलाकर रख दी हैं।
