पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार देर शाम उत्तर 24 परगना के मध्यग्राम इलाके में अज्ञात हमलावरों ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने बीच सड़क पर चंद्रनाथ की कार को रुकवाकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हमले में उनके ड्राइवर को भी गोलियां लगी हैं, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

वारदात का विवरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावर एक गाड़ी में चंद्रनाथ रथ की कार का पीछा कर रहे थे। मध्यग्राम के पास ओवरटेक कर उन्होंने कार को रुकवाया और खिड़की से सटाकर चार राउंड फायरिंग की। चंद्रनाथ के सिर और छाती में गोलियां लगीं। घटना की खबर मिलते ही शुभेंदु अधिकारी खुद अस्पताल पहुँचे और अपने सहयोगी की मृत्यु की पुष्टि की। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
राजनीतिक उबाल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भाजपा ने राज्य में 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा ने इस हत्या के लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह ‘बदले की राजनीति’ है क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर में मात दी है। दूसरी ओर, दक्षिण 24 परगना के कैनिंग और नारायणपुर इलाकों में भी बुधवार को जमकर बवाल हुआ, जहाँ पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। बंगाल में जीत के उत्सव के बीच बढ़ती यह हिंसा कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
